अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाक शनिवार को मुक्केबाज इमाने खलीफ और लिन यू टिंग के समर्थन में खुलकर खड़े हुए और उन्होंने इनकी आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया है। बाक ने कहा कि पेरिस ओलंपिक में मुक्केबाज इमाने खलीफ और लिन यू-टिंग के खिलाफ नफरत की भाषा पूरी तरह से अस्वीकार्य है और वह राजनीति से प्रेरित इस सांस्कृतिक युद्ध का हिस्सा नहीं बनेंगे।
इमान-टिंग को लेकर चल रहा है विवाद
अल्जीरिया की मुक्केबाज इमान खेलीफ और ताइवान की लिन यू-टिंग के महिला वर्ग में भाग लेने पर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। इन दोनों को अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) द्वारा 2023 में भारत में आयोजित विश्व चैम्पियनशिप में महिला वर्ग में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। आईओसी ने आईबीए पर प्रतिबंध लगाया है। टोक्यो के बाद पेरिस ओलंपिक में आईओसी कार्यबल इस खेल का संचालन कर रहा है। उस समय के उनके लिंग-आधारित परीक्षण अब भी अनिर्दिष्ट और अप्रमाणित हैं। खेलीफ और लिन ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में भी प्रतिस्पर्धा की थी, लेकिन पदक नहीं जीत सके थे।
विवाद को लेकर क्या बोले बाक?
बाक ने कहा, हमारे पास दो मुक्केबाज हैं जो महिलाओं के रूप में पैदा हुए हैं, जिनका पालन-पोषण महिलाओं के रूप में हुआ है, जिनके पास महिला के रूप में पासपोर्ट है और उन्होंने कई वर्षों तक महिलाओं के रूप में प्रतिस्पर्धा की है। कुछ लोग यह परिभाषित करना चाहते हैं कि कौन महिला है।
क्या था मामला?
इटली की एंजेला कैरिनी और अल्जीरिया की इमान खेलीफ के बीच बॉक्सिंग का मुकाबला हुआ, जिसमें मात्र 46 सेकंड में ही इमान खलीफ ने अपनी प्रतिद्वंद्वी एंजेला को हरा दिया। विवाद इमान खेलीफ को लेकर है जिन्हें 'बायोलॉकिल मेल' समझा जाता है। इमान खेलीफ को 2023 विश्व चैंपियनशिप में लिंग जांच में विफल होने के बाद डिस्क्वालीफाई कर दिया गया था जिसके बाद से पेरिस में उनकी मौजूदगी चर्चा बनी हुई है। इसके बाद सवाल उठने शुरू हो गए थे कि क्या लैंगिक विकास में अंतर (डीएसडी) वाले एथलीटों को महिला स्पर्धा में भाग लेना चाहिए? इमान खेलीफ को भी डीएसडी की 'समस्या' है।