भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर संगठन में मचे घमासान के बीच 25 अक्तूबर को विशेष आम सभा (एसजीएम) बुलाई है। बैठक में सीईओ रघुराम अय्यर की नियुक्ति, कोषाध्यक्ष सहदेव यादव पर भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत और कई परिषद सदस्यों की पद संभालने की कथित अपात्रता के मुद्दों पर चर्चा होगी।
आईओए भवन में होगी एसजीएम
इन विषयों को लेकर आईओए अध्यक्ष उषा और परिषद के कई सदस्यों के बीच तनातनी चल रही है। खासतौर पर सीईओ की नियुक्ति को लेकर कार्यकारी परिषद के सदस्य विरोध कर रहे हैं। सीईओ की मोटी पगार और पद के लिए उनकी उपयुक्तता को लेकर विरोध किया जा रहा है। पूर्व स्टार एथलीट पीटी उषा ने अधिकारियों को भेजे ई-मेल में कहा कि ये सभी मुद्दे असाधारण और आकस्मिक हैं और ऐसे में प्रभावी निर्णय लेने की जरूरत है और मैं विशेष आम सभा 25 अक्तूबर को आईओए भवन में सुबह 11 बजे बुला रही हूं। जो लोग एसजीएम में खुद उपस्थित नहीं हो सकते वे वेबेक्स के जरिए इसमें शामिल हो सकते हैं, इसके लिए आईओए की वेबसाइट पर लिंक उपलब्ध होगा।
उषा बोलीं- संघ के सुचारू संचालन के लिए सीईओ महत्वपूर्ण
इस बैठक का आह्वान तब किया गया है जब 26 सितंबर को उषा का कार्यकारी परिषद के साथ एक बार फिर सीईओ को लेकर टकराव हुआ था। कार्यकारी परिषद के अधिकांश सदस्यों ने सीईओ के रूप में अय्यर की नियुक्ति पर अपना विरोध दोहराया था। सीईओ की नियुक्ति को अभी कार्यकारी परिषद की मंजूरी नहीं मिली है। उषा ने चेतावनी दी है कि संघ के सुचारू संचालन के लिए सीईओ महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, कार्यकारी परिषद के कुछ सदस्यों द्वारा इस नियुक्ति को स्वीकार करने में देरी और इनकार से हमारे शासन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर पड़ रहा है। इससे भारत में ओलंपिक खेलों 2036 की मेजबानी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दृष्टिकोण में बड़ी बाधा पैदा होने की संभावना है।