भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने पेरिस ओलंपिक से पहले दमदार प्रदर्शन करते हुए चेक गणराज्य के उस्ती नाद लाबेम में आयोजित ग्रां प्री में रजत पदक जीता। हालांकि लवलीना को महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में चीन की ली कियान से हार का सामना करना पड़ा जिससे वह स्वर्ण पदक हासिल करने से चूक गईं। लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में भी उनसे पदक की आशा रहेगी।
पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुकीं लवलीना को मौजूदा एशियाई खेलों की चैंपियन के खिलाफ अपने अंतिम मुकाबले में 2-3 के विभाजित फैसले से हार का सामना करना पड़ा। विश्व चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण के साथ दो बार की ओलंपिक पदक विजेता कियान ने पिछले साल एशियाई खेलों के फाइनल में भी लवलीना को शिकस्त दी थी।
'ओलंपिक में मिलेगी मदद'
लवलीना ने कहा कि उन्हें इस प्रतियोगिता में भाग लेने से पेरिस ओलंपिक में मदद मिलेगी। लवलीना ने कहा, इस प्रतियोगिता में भाग लेना मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा है। जहां तक मेरी तैयारी का सवाल है, ओलंपिक से पहले यह टूर्नामेंट मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। इससे मुझे फायदा होगा। मैं भारतीय मुक्केबाजी महासंघ, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) और भारत सरकार का शुक्रिया करना चाहूंगी।
खेल मंत्री ने की सराहना
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने लवलीना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए लिखा, ग्रां प्री 2024 में रजत पदक जीतने के लिए लवलीना को बधाई। उन्होंने शानदार कौशल का प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी रिंग में उनकी सफलता आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी
विश्व मुक्केबाजी के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में लवलीना और कियान के अलावा रिफ्यूजी मुक्केबाजी टीम की सिंडी नगांबा और इंग्लैंड की चैंटल रीड ने हिस्सा लिया था। इन चार मुक्केबाजों के बीच राउंड रॉबिन प्रारूप में मुकाबला आयोजित किया गया। लवलीना इस दौरान तीन मुकाबलों में से केवल एक जीत हासिल कर पाईं। असम की मुक्केबाज ने नगांबा और कियान से हारने से पहले रीड के खिलाफ जीत दर्ज की थी। वह इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली भारत की इकलौती खिलाड़ी हैं।