भारतीय महिला एथलीट हरमिलन बैंस ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वह आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगी थीं। मध्यम दूरी की धाविका हरमिलन हाल ही में संपन्न हुए पेरिस ओलंपिक में भाग नहीं ले सकी थी जिसका उन्हें काफी अफसोस था। एशियाई खेलों में दो बार पदक जीत चुकीं हरमिलन अब मॉडलिंग जैसे दूसरे करियर विकल्प की तलाश कर रही हैं।
हरमिलन पिछले साल चीन में हुए एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स टीम की स्टार खिलाड़ियों में से एक थीं जब उन्होंने 800 मीटर और 1500 मीटर में दो पदक जीते थे। हालांकि इस पूरे सत्र में वह चोटों से परेशान रहीं जिससे पेरिस ओलंपिक में जगह बनाने की उनकी उम्मीदें धराशायी हो गईं। इस समय उन्हें हैमस्ट्रिंग टियर है और उन्होंने स्वीकार किया कि उनका एथलेटिक्स करियर अनिश्चित है। वह सर्जरी करवा सकती हैं और इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इस साल की शुरुआत में उन्हें टखने की चोट लगी थी जिसे ठीक होने में पांच हफ्ते लगे थे। जून में उन्हें हैमस्ट्रिंग में खिंचाव हुआ जो बाद में एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बाद बढ़ गया।
हरमिलन ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, मैं पेरिस ओलंपिक में भाग लेना चाहती थी और मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। लेकिन लगातार चोटें लगीं और इससे मेरा प्रदर्शन प्रभावित हुआ। पेरिस ओलंपिक में भाग नहीं ले पाने के बाद मैं अवसाद में थी, मैं कुछ भी नहीं सोच पा रही थी। यहां तक कि आत्महत्या करने का विचार भी मेरे दिमाग में आया और मैं खेल छोड़ना चाहती थी।
हरमिलन ने कहा, मैं इतनी हताश थी कि मैं अंक अर्जित करना चाहती थी और ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना चाहती थी। इस कारण मैंने चोट के साथ एक रेस में भाग लिया। यह शुरू में ग्रेड 1 हैमस्ट्रिंग टियर था लेकिन अब यह ग्रेड 2बी है, मतलब यह करीब ग्रेड 3 है। मैं एक और स्कैन करवाऊंगी और फिर सर्जरी के बारे में फैसला करूंगी। किसी भी स्थिति में मैं अगले नौ महीनों तक प्रतियोगिता के लिए शुरुआत नहीं कर पाऊंगी। इसलिए मैं लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा शुरू नहीं कर पाऊंगी।