पूर्व बैडमिंटन कोच विमल कुमार का मानना है कि कोरोना के कारण टोक्यो ओलंपिक में खेलने का सपना टूटने के बाद साइना नेहवाल का आगे का सफर कठिन है। उन्हें अपने कॅरिअर को विस्तार देने के लिए टूर्नामेंट चुनकर ही खेलना होगा। चोट और खराब फॉर्म से जूझती आई 31 वर्ष की साइना चौथा ओलंपिक नहीं खेल सकेंग।
1.14 लाख करोड़ के खर्च का अनुमान
टोक्यो ओलंपिक अब तक के सबसे महंगे ओलंपिक होने वाले हैं। कोरोना के कारण जो सेफ्टी मेजर्स किए जा रहे हैं, उनकी वजह से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आयोजन में जुड़ेगा। आयोजन में कुल 1.14 लाख करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
1964 के बाद ये दूसरा मौका है जब इन खेलों का आयोजन टोक्यो में हो रहा है। भले ही इन खेल 2021 में हो रहे हैं, लेकिन इनको 2020 ओलंपिक ही कहा जाएगा। खेलों के दौरान जो पदक दिए जाएंगे, खिलाड़ियों की जर्सी, टेलीविजन ग्राफिक्स तक पर भी टोक्यो 2020 ही लिखा दिखेगा।