एशियन चैंपियंस लीग में नेमार की टीम अल हिलाल का सामना मुंबई सिटी एफसी से होगा। भारतीय लेग में होने वाले मैच के लिए वह इस देश का दौरा कर सकते हैं। यह भारत में फुटबॉल को पसंद करने वाले लोगों के लिए बहुत बड़ी खबर है कि वह इस दिग्गज को खेलते हुए देख पाएंगे।
ऐसे में अमर उजाला ने नेमार के स्वागत की तैयारी से लेकर एशियन गेम्स के लिए टीम टीम इंडिया की तैयारी तक के बारे में भारतीय फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के अध्यक्ष कल्याण चौबे से बातचीत की।
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सुनील छेत्री
सवाल: एशिया कप में हम काफी समय बाद हिस्सा ले रहे हैं, तो इसको लेकर क्या तैयारियां हैं? जीत की कितनी संभावनाएं दिख रही हैं आपको?
कल्याण चौबे: इसमें मैं तो यह कहूंगा कि खेल मंत्रालय के माध्यम से और प्रधानमंत्री जी के उत्साह से लंबे समय के बाद भारत की महिला और पुरुष फुटबॉल टीम एशियन गेम्स में खेलने जा रही है। इस टूर्नामेंट से पहले भारतीय फुटबॉल टीम काफी सुर्खियों में भी रही थी। मैं समझता हूं कि खिलाड़ियों को इसकी गंभीरता के विषय में जानकारी है और वह देश का नाम उज्जवल करने के लिए अपना पूरा प्रयास करेंगे। मुझे लगता है कि उनके प्रयास से ही भारत को गौरव हासिल होगा।
भारतीय फुटबॉल टीम
सवाल: ललियनजुआला छांगते जैसा स्टार भारत को मिला है। फुटबॉल में उनके जैसे और स्टार्स उभर कर सामने आएं, इसके लिए AIFF किस तरह से प्रयास और नए खिलाड़ियों का समर्थन कर रहा है?
कल्याण चौबे: मैं समझता हूं कि हम फिलहाल अच्छे समय से गुजर रहे हैं। फीफा वर्ल्ड रैंकिंग में हमारी टीम टॉप-100 में आ गई है। हमने हाल-फिलहाल में तीन बड़े टूर्नामेंट्स जीते हैं। इनमें से सैफ चैंपियनशिप में बाहर की टीमें भी खेल रही थीं। हमसे अच्छी रैंकिंग वाली टीमें खेल रही थीं। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले छह सात महीने में भारत में फुटबॉल को लेकर उत्साह का जो संचार हुआ है, यह एक पॉजिटिव साइन है। इससे पहले फुटबॉल को लेकर इतना क्रेज नहीं था। अभी हाल में मैंने देखा कि सैफ कप को 11 मिलियन लोगों ने देखा था। यह काफी शानदार था। हम एक नए दौर से गुजर रहे हैं, नए भारत से गुजर रहे हैं। मेरा पूरा विश्वास है कि जो लोग कहते हैं कि क्लब की चिंता नहीं है, देश का क्या होगा, मैं इसमें विश्वास नहीं रखता। मुझे लगता है कि हर भारतीय चाहता है कि भारत को गौरव मिले।
ललियनजुआला छांगते
सवाल: कोच इगोर स्टिमैक के योगदान को आप किस तरह देखते हैं?
कल्याण चौबे- मैं कहूंगा कि वह अच्छे कोच हैं और भारत की टीम जो जीती है, उनमें उनकी भी अहम भूमिका रही है। साथ ही साथ मैं ये भी कहना चाहूंगा कि फुटबॉल एक टीम गेम है, किसी विशेष व्यक्ति पर आधारित नहीं है। भारत में अच्छे खिलाड़ियों का एक ग्रुप है। मैं समझता हूं कि एक टीम के तौर पर ही हम आगे बढ़ेंगे।
सुनील छेत्री के साथ इगोर स्टिमैक
सवाल: सऊदी अरब प्रो लीग में अल हिलाल से खेलने वाले नेमार एशियन चैंपियंस लीग में मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ खेलने भारत आएंगे। यह मैच पुणे में खेला जाएगा, जहां 11 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है। क्या हम नेमार जैसे स्टार फुटबॉलर के लिए ज्यादा दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम में मैच नहीं रख सकते थे?
कल्याण चौबे: बिल्कुल रख सकते थे। क्या आपको पता है कि हाल ही में कोलकाता में डूरंड कप का फाइनल हुआ और वहां 60 हजार दर्शक मैच देखने स्टेडियम आए थे, जबकि स्टेडियम की क्षमता 63 हजार है। हम जब बेंगलुरु में सैफ कप का फाइनल खेले तो पूरा स्टेडियम भरा हुआ था। इंफाल में जब टीम इंडिया खेली तो पूरा स्टेडियम भरा हुआ था। यह अच्छा समय है और युवा दर्शक फुटबॉल की ओर रुख कर रहे हैं। हम चाहेंगे कि भारतीय फुटबॉल अच्छी दिशा में जाए और इसकी तरक्की हो।