बेंगलुरु के भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में 35 एथलीट कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन्हें आनन-फानन में आइसोलेट कर दिया गया है। यह सभी एथलीट कई नेशनल इवेंट्स में लगातार हिस्सा ले रहे थे। इस कोरोना विस्फोट के बाद साई बेंगलुरु के अधिकारियों ने डॉक्टरों की टीम बनाई है। अब कैंपस में मौजूद सभी एथलीटों की जांच की जाएगी।
साई बेंगलुरु ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कैंपस में कोरोना के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि साई का मुख्य उद्देश्य है कि कैंपस के अंदर अंतरराष्ट्रीय खेलों की तैयारी कर रहे एथलीटों को कुछ न हो। एथलीट इस साल होने वाले एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स का सही तरह से तैयारी कर सकें।
साई बेंगलुरु के एक सूत्र ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर न्यूज एजेंसी से कहा कि कैंपस के अंदर 210 लोगों पर रैंडम जांच की गई। इसमें 175 एथलीट और 35 कोच शामिल थे। इनमें से 35 एथलीट कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिसमें से 31 में कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं, जबकि चार में थोड़े बहुत लक्षण हैं।
साई ने यह भी फैसला लिया है कि जो एथलीट कोरोना की चपेट में नहीं आए हैं, उन्हें नेशनल लेवल के इवेंट में हिस्सा लेने दिया जाएगा। हालांकि, उन्हें उनकी हर जगह जांच की जाएगी और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही दूसरे खिलाड़ियों से मिलने की इजाजत दी जाएगी।
इससे पहले गुरुवार को कोरोना की चपेट में पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) भी आ गया। संस्थान में संक्रमण के चार मामलों की पुष्टि हुई। परिसर के अंदर रहने वाले खिलाड़ियों और सभी कोच के बीच किए गए 170 आरटी-पीसीआर जांच के बाद चार मामलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। संक्रमण के चार मामलों में तीन जूनियर एथलीट और एक कोच शामिल हैं।