आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान थे। उन्होंने अपने जीवन में अच्छी और बुरी दोनों परिस्थितियों का सामना किया था। आचार्य चाणक्य ने विषम से से विषम परिस्थितियों में भी अपना धैर्य बनाए रखा और अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपने शत्रु घनानंद को हराकर इतिहास की धारा को मोड़कर रख दिया। आचार्य चाणक्य एक कुशल कूटनीतिज्ञ रणनीतिकार और अर्थशास्त्री थे। इसी के साथ वे एक योग्य शिक्षक भी थे। उन्होंने विश्वप्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और आचार्य के पद पर रहकर विद्यार्थियों को शिक्षित भी किया। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में धन, शिक्षा, निजी जीवन से लेकर सफलता पाने तक के विषय में महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। नीति शास्त्र में तीन बातों के बारे में बताया गया है। परिश्रम करने के साथ अगर इन बातों को ध्यान में रखा जाए तो व्यक्ति कभी असफल नहीं होता है वह एक न एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त कर लेता है। तो चलिए जानते हैं कि कौन सी हैं वे तीन बातें।