हिंदू पचांग के अनुसार शनि जयंती ज्येष्ठ महीने की अमावस्या के दिन मनाई जाती है। इस दिन शनि देव की पूजा का विधान है। जिन लोगों पर शनि की साढे़साती, ढैय्या आदि शनि दोषों का प्रकोप चल रहा है, उनके ये दिन विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शनि देव की पूजा करने से शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
आइए, आज जानते हैं, शनि जयंती तिथि, शुभ मूहूर्त, पूजा विधि और इस दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें.....
हनुमान जी के इन उपायों को करने से दूर हो जाएगा वक्री शनि का अशुभ प्रभाव