तीन से अधिक पत्तियों वाले बिल्वपत्र दुर्लभ होते हैं। तीन पत्तियों वाले बेलपत्र को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है, जबकि 5 पत्तियों वाले बेलपत्र को पंचदेव और शिव परिवार का प्रतीक माना जाता है। पांच पत्तियों वाला बेलपत्र मिलना बहुत ही मुश्किल होता है। यदि यह कहीं से एक भी मिल जाए तो समझना की आपके भाग्य खुल गए।
पंचदेव:- 5 पत्तियों वाले बिल्वपत्र को पंचदेव का प्रतीक माना जाता है। ये पंचदेव है- ब्रह्मा, विष्णु, महेश, गणेश और मां दुर्गा।
शिव परिवार:- 5 पत्तियों वाले बिल्वपत्र को शिव परिवार का प्रतीक भी माना जाता है। यथाक्रम- शिव, पार्वती, अशोक सुंदरी, गणेश और कार्तिकेय।
पांच पत्तियों वाले बिल्वपत्र का महत्व
पांच पत्तियों वाला बेलपत्र सबसे श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि पांच पत्तियों वाले बिल्वपत्र का शिव पूजा में विशेष स्थान है। यदि पांच पत्ती वाला बेलपत्र अर्पित करते हैं तो इससे भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी इच्छा पूर्ण होने का आशीर्वाद देते हैं। इन्हें अर्पित करने से पंचदेव सहित शिव परिवार की पूजा का फल मिलता है।
पांच पत्तियों वाले बेलपत्र के दर्शन का महत्व
पांच पत्तियों वाले बेलपत्र का दर्शन करने का अर्थ होता है पंचदेव या शिव परिवार के दर्शन करना। इसका मिलना ही सौभाग्य की बात है। इसके मिलने का अर्थ है कि शिवजी की अपार कृपा है।
बिल्वपत्र के उपाय
1. धन समृद्धि के लिए
यदि आपके जीवन में आर्थिक तंगी है, कर्ज से परेशान हैं और धन टिकता नहीं है तो सोमवार के दिन बेलपत्र को शिवलिंग पर अर्पित करें और उन पत्तों को अपने पर्स में, तिजोरी में या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। इससे आपके घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं रहेगी। इससे दरिद्रता से छुटकारा मिलेगा।
2. मनोकामना पूर्ति हेतु
शिवजी का जलाभिषेक करने के बाद बेलपत्र के 5 पत्तों के साथ दूध और शहद को शिवलिंग पर अर्पित करने से आपकी सभी मनोकामना पूर्ण होगी। यह उपाय आपको कम से कम 11 सोमवार तक करना होगा। इस दौरान आपको अपनी मनोकामना को दोहराना होगा।
3. शीघ्र विवाह हेतु
यदि विवाह में रुकावट आ रही हैं, जिसके चलते देरी हो रही है तो 5 सोमवार के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करें। इसके बाद 108 बेलपत्र अर्पित करें। इस दौरान 'ॐ नमः शिवाय' का मंत्र उच्चारण करते रहें। इसके बाद मां पार्वती का पूजन करें और अपने विवाह की कामना करें।
4. संतान प्राप्ति हेतु
यदि विवाह के बाद संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही है तो पूर्णिमा तिथि के बाद पड़ने वाले सोमवार के दिन अपनी आयु के बराबर बेलपत्र के पत्ते लेकर एक-एक पत्तों को दूध में डुबोकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे संतान प्राप्ति की इच्छा पूर्ण होगी।
5. अच्छी सेहत हेतु
यदि सेहत संबंधी कोई समस्या है या कोई रोग पीछा ही नहीं छोड़ रहा है तो 108 बेलपत्र पर चंदन लगाकर 'ॐ नमः शिवाय मंत्र' का उच्चारण करते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके साथ ही भगवान शिव से अच्छी सेहत की कामना की विनति करें। इससे जल्द ही सेहत में सुधार होगा।