आज यानि कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपवाली का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवता दिवाली मनाते हैं। इस दिन देवता पृथ्वी पर आकार दिवाली मनाते हैं। मुख्य रूप से यह पर्व वाराणसी में गंगा नदी के तट पर मनाया जाता है। यह दीवाली उत्सव के अंत के साथ-साथ तुलसी विवाह के अनुष्ठान का समापन करती है। देव दीपावली का धार्मिक महत्व इस विश्वास में निहित है कि इस दिन देवी और देवता गंगा नदी में पवित्र स्नान करने के लिए पृथ्वी पर आते हैं। पवित्र नदी का पूरा घाट देवताओं और देवी गंगा नदी के सम्मान में लाखों छोटे मिट्टी के दीपक (दीया) से सुसज्जित किया जाता है। आइए जानते हैं क्या देव दीपवाली का धार्मिक महत्व और इसकी पूजा विधि-