आंवला नवमी शुभ मुहूर्त
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष नवमी तिथि आरंभ- 12 नवंबर 2021, शुक्रवार प्रातः 05:51 मिनट से
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष नवमी तिथि समाप्त- 13 नवंबर 2021,शनिवार प्रातः 05:31 मिनट तक
अक्षय नवमी पूर्वाह्न समय - प्रातः 06: 41- दोपहर 12: 05 मिनट तक।
कुल अवधि- 05 घंटे 24 मिनट।
आंवला (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
आंवला नवमी पूजा विधि सामग्री
- आंवले का पौधा पत्ते एवं फल, तुलसी पत्र
- कलश एवं जल
- कुमकुम, हल्दी, सिंदूर, अबीर, गुलाल, चावल, नारियल, सूत का धागा
- धूप, दीप
- श्रृंगार का सामान,
- दान के लिए अनाज
अक्षय नवमी पर आंवला वृक्ष का पूजन करती महिलाएं।
amla navami 2021 (sanketik tasveer )
आंवला या अक्षय नवमी पूजा कथा
एक व्यापारी और उसकी पत्नी काशी में रहते थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। एक दिन व्यापारी की पत्नी को जीवित बच्चे की बलि भैरव बाबा के सामने देने की किसी ने सलाह दी। व्यापारी की पत्नी ने बात मानकर ऐसा ही किया और परिणाम स्वरूप वो रोग ग्रस्त हो गई।अपनी पत्नी की यह हालत देख व्यापारी बहुत दुखी था। उसने अपनी पत्नी से इसका कारण पूछा। तब उसकी पत्नी ने बताया कि उसने एक बच्चे की बलि दी। व्यापारी ने अपनी पत्नी को अपने कुकर्म के प्रायश्चित करने की सलाह दी। उतनी ने व्यापारी की बात मानकर गंगा स्नान किया और एक दिन प्रसन्न होकर मां गंगा ने प्रसन्न होकर उसको रोगमुक्त कर दिया। इसके साथ ही उसको कार्तिक मास के शुक्ल।पक्ष की नवमी को आंवला नवमी का व्रत रहने को कहा। व्यापारी की पत्नी ने बड़े विधि विधान के साथ पूजा की और उसे सुंदर शरीर के साथ ही पुत्र की प्राप्ति भी हुई। तभी से महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना करते हुए आंवला नवमी का व्रत रखती है।