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Chaitra Month 2024: 26 मार्च से 23 अप्रैल तक रहेगा चैत्र का महीना, जानें महत्व और नियम

Thu, 28 Mar 2024 08:09 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

फाल्गुन माह साल का आखिरी और चैत्र माह नए साल का पहला महीना होता है। चैत्र का महीना 23 अप्रैल तक चलेगा। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नया विक्रम संवत शुरू हो जाता है।
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चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नया विक्रम संवत शुरू हो जाता है।
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विस्तार
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Chaitra Month 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार 26 मार्च से चैत्र महीना आरंभ हो चुका है। फाल्गुन माह साल का आखिरी और चैत्र माह नए साल का पहला महीना होता है। चैत्र का महीना 23 अप्रैल तक चलेगा। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नया विक्रम संवत शुरू हो जाता है। इस बार नया विक्रम संवत 2081 होगा। पूजा-पाठ और उपासना के लिए चैत्र का महीना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस माह में कई व्रत और उपवास रखे जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्राजी ने ही चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु ने दशावतार के रूप में पहला मत्स्य अवतार लेकर पृथ्वी को प्रलय से बचाया था। चैत्र माह के पहले दिन ही भगवान राम का राज्यभिषेक हुआ था। चैत्र माह से सर्दियों का मौसम खत्म हो जाता है और गर्मियां आरंभ हो जाती हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार माह के नाम इस प्रकार है- चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, सावन, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक,मार्गशीर्ष, पौष,माघ और 

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चैत्र माह में क्या करें
- चैत्र माह का हिंदू धर्म में विशेष स्थान होता है। इस माह में व्यक्तियों को जल्दी सुबह उठना चाहिए और सूर्य की रोशिनी में योग और कसरत करनी चाहिए। इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। 
- चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक नवरात्रि रहती हैं। ऐसे में इस माह में मां दुर्गा की विशेष पूजा और आराधना करनी चाहिए। इसके अलावा सूर्य देव और भगवान राम की भी उपासना करनी चाहिए।
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- चैत्र माह में विशेष रूप से गाय और पेड़-पौधों की सेवा करनी चाहिए। इससे शुभ फलों की प्राप्ति में वृद्धि होती है। 
- हिंदू कैलेंडर का पहला महीना होने से इस पूरे माह भगवान की पूजा और उपासना में ज्यादा समय देना चाहिए।

चैत्र माह में क्या न करें
-चैत्र माह में बासी भोजन करने से बचना चाहिए। इसके अलावा भोजन में नमक की मात्रा कम करनी चाहिए। बल्कि ज्यादा से ज्यादा सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए।
- इस माह तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए।
- इस चैत्र माह में गुड़ का सेवन करने से बचना चाहिए।
- आपको प्याज और लहसुन से बने भोजन करने से बचना चाहिए।
- नशे और लड़ाई- झगड़े से दूर रहें।

चैत्र मास 2024 के व्रत और त्योहार

  • 1 अप्रैल 2024 (सोमवार) - शीतला सप्तमी
  • 2 अप्रैल 2024 (मंगलवार) - शीतला अष्टमी
  • 5 अप्रैल 2024 (शुक्रवार) - पापमोचनी एकादशी, पंचक शुरू
  • 6 अप्रैल 2024 (शनिवार) - शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)
  • 7 अप्रैल 2024 (रविवार) - मासिक शिवरात्रि
  • 8 अप्रैल 2024 (सोमवार) - चैत्र अमावस्या, सोमवती अमावस्या, सूर्य ग्रहण
  • 9 अप्रैल 2024 (मंगलवार) - चैत्र नवरात्रि, उगाडी, घटस्थापना, गुड़ी पड़वा, झूलेलाल जयंती, हिंदू नववर्ष शुरू
  • 10 अप्रैल 2024 (बुधवार) - चेटी चंड
  • 11 अप्रैल 2024 (गुरुवार) - गणगौर, मत्स्य जयंती
  • 12 अप्रैल 2024 (शुक्रवार) - विनायक चतुर्थी
  • 13 अप्रैल 2024 (शनिवार) - मेष संक्रांति, सोलर नववर्ष शुरू, बैसाखी
  • 14 अप्रैल 2024 (रविवार) - यमुना छठ
  • 16 अप्रैल 2024 (मंगलवार) - महातारा जयंती
  • 17 अप्रैल 2024 (बुधवार) - चैत्र नवरात्रि पारणा, राम नवमी, स्वामी नारायण जयंती
  • 19 अप्रैल 2024 (शुक्रवार) -  कामदा एकादशी
  • 21 अप्रैल 2024 (रविवार) - प्रदोष व्रत (शुक्ल), महावीर स्वामी जयंती
  • 23 अप्रैल 2024 (मंगलवार) - हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा व्रत

 

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