भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा के लिए
एकादशी के दिन दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर श्रीहरि विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं और जातक पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा होती है। इस दिन भगवान विष्णु की प्रिय तुलसी की मंजरी तथा पीला चन्दन,रोली,अक्षत,पीले पुष्प,ऋतु फल और धूप-दीप, मिश्री आदि से भगवान दामोदर का भक्ति-भाव से पूजन करना चाहिए।
कुंडली में ग्रहों के शुभ फल के लिए
एकादशी के दिन श्रीविष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है, इससे भाग्य चमकता है और कुंडली के ग्रहों के शुभ फल प्राप्त होने लगते हैं। रात्रि के समय भगवान नारायण की प्रसन्नता के लिए नृत्य, भजन-कीर्तन और स्तुति के द्वारा जागरण करना चाहिए। जागरण करने वाले को जिस फल की प्राप्ति होती है, वह हजारों वर्ष तपस्या करने से भी नहीं मिलता।
ऐश्वर्य, धन और सुख प्राप्ति के लिए
एकादशी के दिन श्रीसूक्त का पाठ करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और कभी भी धन की कमी नहीं होती। जीवन में सुख-चैन के लिए इस दिन बांसुरी को श्री कृष्ण जी के मंदिर में अच्छी तरह से सजाकर उसे अर्पित करना चाहिए।
पुण्यों में वृद्धि के लिए
एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व नहाने के जल में आंवले के रस को डालकर स्नान करने से बहुत पुण्य मिलता है,पाप नष्ट होते हैं। एकादशी के दिन दान का बहुत महत्व है। प्रत्येक एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पीले फल, पीले अनाज, पीली मिठाई अर्पित करें, इसके बाद इन सभी चीजों को योग्य ब्राह्मणों / गरीबों को दान करना चाहिए। इस उपाय से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है, कार्यों में मनोवांछित सफलता प्राप्त होती है।
पितरों की कृपा पाने के लिए
एकादशी के दिन स्नान कर मंदिर जाकर या घर में ही भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की तस्वीर या प्रतिमा के सामने गीता का पाठ करें, इससे पितरों को प्रसन्नता मिलती है। उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और पुण्य का संचय होता है।