हिंदू पंचांग के अनुसार, रमा एकादशी का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा करने का विधान होता है।
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हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी का व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि पर व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विधि-विधान के साथ पूजा और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। रमा एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में आने वाले सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं जीवन में सुख-शांति और खुशहाली आती है। आइए जानते हैं इस वर्ष कब है रमा एकादशी ?
रमा एकादशी व्रत: 5 नवंबर, गुरुवार
रमा एकादशी व्रत पारण: 6 नवंबर, सुबह 6 बजकर 37 मिनट से लेकर 8 बजकर 48 मिनट तक
रमा एकादशी शुभ मुहूर्त 2026
रमा एकादशी पर पूजा शुभ मुहूर्त (अभिजीत)- सुबह 11 बजकर 43 मिनट से लेकर 12 बजकर 26 मिनट तक।
रमा एकादशी का धार्मिक महत्व
कार्तिक माह में पड़ने वाली रमा एकादशी का विशेष महत्व होता है। रमा एकादशी पर व्रत रहने और भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की पूजा करने का विधान होता है। इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पारों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि और धन-वैभव की प्राप्ति होती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।