आज नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा की छठी शक्ति देवी कात्यायनी की पूजा करने का विधान है। इनका स्वरूप चमकीला और तेजमय है। इनकी चार भुजाएं हैं। दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में रहता है तो वहीं नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है। मां कात्यायनी के बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार धारण करती हैं व नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित रहता है। इनकी आरधना के दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में अवस्थित रहता है। इनकी आराधना करने के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और जातक को रोग, शोक, संताप व भय से मुक्ति प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो देवी कात्यायनी का पूजन, मनन करता है उसे परम पद की प्राप्ति होती है। जानिए मां कात्यायनी के जन्म की कथा पूजा विधि, भोग और आराधना मंत्र