MahaShivratri 2024: शमीपत्रों से भगवान शिव का पूजन करके मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर लेता है।
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Maha Shivratri 2024: महाशिवरात्रि का पर्व 8 मार्च को है। शिवपुराण में महाशिवरात्रि का माहात्म्य सिद्ध करते हुए कहा गया है कि जो प्राणी इस दिन निराहार और जितेन्द्रिय होकर शिवजी की उपासना करता है। वह वर्ष भर किए उपवासों से कई गुणा पुण्य की प्राप्ति कर लेता है। शिवपुराण की कोटि रूद्र संहिता के अनुसार, शिवरात्रि सभी पापों का नाश करने वाली और पुण्य फलदाई मानी गई है। इसलिए इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा का विधान है। इस चराचर जगत के आदि और अंत शिव ही हैं। पृथ्वीलोक पर इनके श्रीरुद्ररूप की पूजा सर्वाधिक होती है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि देव, दनुज, ऋषि, महर्षि, योगीन्द्र, मुनींद्र, सिद्ध, गन्धर्व ही नहीं,अपितु ब्रह्मा-विष्णु तक इन महादेव की उपासना करते हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के तो ये आराध्य ही हैं। शास्त्रों का कथन है कि 'शिवः अभिषेक प्रियः' अर्थात कल्याणकारी शिव को अभिषेक अत्यंत प्रिय है। समस्त मनोरथों को पूर्ण करने की शक्ति शिवलिंग के अभिषेक में समाहित है। शिवलिंग का पूजन-अभिषेक करने से सभी देवी-देवताओं के अभिषेक का फल उसी क्षण प्राप्त हो जाता है।
महाशिवरात्रि पर मनोकामना के अनुसार करें शिवजी का अभिषेक
- शिवपुराण में बताया गया है कि शिव को अर्पित किए जाने वाले द्रव्यों के शुभफल भी अलग-अलग होते हैं। शिवलिंग पर जलधारा अर्पित करने से ज्वर की शांति और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
- वंश विस्तार के लिए शिवलिंग पर उनके सहस्रनाम मंत्रों से घी की धारा चढ़ानी चाहिए।
- कुशाग्र बुद्धि के लिए विद्यार्थियों को शर्करा मिश्रित दुग्ध की धारा चढ़ानी चाहिए। ऐसा करने पर बृहस्पति के समान उत्तम बुद्धि प्राप्त हो जाती है।
- दूध से उत्तम संतान की प्राप्ति और जब तन-मन में अकारण ही उच्चाटन होने लगे, कहीं भी प्रेम न रहे,दुःख बढ़ जाए और घर में सदैव कलह रहे तब शिवजी पर दूध की धारा चढ़ाने से सारा दुःख नष्ट हो जाता है।
- विवाह की इच्छा रखने वालों को जल, दूध, बेलपत्र, गंगाजल, शमीपत्र, नारियल पानी, भांग, खोये की मिठाई और गुलाबी रंग के गुलाल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।
- गन्ने के रस से यश, शहद से कर्जमुक्ति, कुश के जल से रोगमुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी व तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- गंगाजल से अभिषेक करने पर भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि पर इन पुष्यों को अर्पित करने से होगी हर मनोकामना पूरी
- शास्त्रों के अनुसार भोलेनाथ की पूजा में चढ़ने वाले अलग-अलग प्रकार के पुष्पों का फल भी अलग-अलग प्राप्त होता है।
- चमेली के सुगन्धित पुष्पों से शिव की पूजा करके मनुष्य वाहनों को उपलब्ध करता है।
- अलसी के फूलों से महादेव जी का पूजन करने वाला व्यक्ति भगवान विष्णु को प्रिय होता है।
- शमीपत्रों से पूजन करके मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर लेता हैं।
- मदार पुष्प अर्पित करने से नेत्र और ह्रदय विकार दूर होते हैं।
- धतूरे से विषैले जीवों से खतरा नहीं रहता।
- बेला के पुष्पों से पूजन करने पर भगवान शिव मनोनुकूल पति/पत्नी प्रदान करते हैं।
- वहीं जूही के फूलों से पूजा की जाए तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
- कनेर के पुष्प अर्पित करने से सुंदर वस्त्रों की प्राप्ति और हरसिंगार के फूलों से पूजा करने पर सुख-संपत्ति की वृद्धि होती है।
- राई के फूल चढाने पर शत्रु परास्त होते हैं।
- बिल्वपत्र चढ़ाने पर मनुष्य अपनी सारी काम्य वस्तुएं प्राप्त कर लेता है।
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