हरियाली तीज का महत्व ( Hariyali Teej 2021)
सावन महीने के इस त्योहार पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती है। ऐसी मान्यता है कि जो भी विवाहित महिला इस हरियाली तीज का व्रत रखते हुए भगवान शिव की पूजा करती हैं उन्हें अखंड सौभाग्यवती
होने का वरदान प्राप्त होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार हरियाली तीज पर ही दोबारा से भगवान शिव मां पार्वती का मिलन हुआ था। माता पार्वती के 108 वर्षों तक कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारा था। हरियाली तीज पर सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और वैभव की कामना के लिए इस व्रत को रखती हैं। इस दिन महिलाएं पूरे भक्ति भाव और मन से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। पूजा में कई तरह की चीजें चढ़ाई जाती है जिसमें मुख्य रूप से श्रृंगार की वस्तुएं होती है। पूजा में हरियाली तीज की कथा सुनाई जाती है जिसमें महिलाएं एक जगह एकत्रित होकर अपने से बड़ी महिलाओं का आशीर्वाद लेती हैं।
हरियाली तीज का शुभ मुहूर्त ( Hariyali Teej 2021 Shubh Muhurat)
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 10 अगस्त, मंगलवार की शाम 06 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। तृतीया तिथि 11 अगस्त 2021, बुधवार को शाम 04 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी। सुबह 04:24 से 05:17 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा और दोपहर 02:30 से 03:07 मिनट तक विजया मुहूर्त। इसके अलावा इस बार हरियाली तीज पर शिव योग नाम का बहुत ही शुभ योग बन रहा है। शिव योग को सभी प्रमुख योगों में से बहुत ही शुभ और सुख-संपदा देने वाला माना गया है।
हरियाली तीज व्रत के नियम ( Hariyali Teej Puja Vidhi)
हरियाली तीज का उपवास रखने और पूजा में कुछ खास नियमों का जरूर पालन करना चाहिए।
- हरियाली तीज का उपवास रखने के दौरान हमेशा मन में अच्छे विचार रखना चाहिए।
- उपवास और पूजा के दौरान किसी पर भी क्रोध नहीं करना चाहिए।
- व्रत रखते हुए उस दिन किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए।
- हरियाली तीज पर उपवास करते हुए दिन में सोना नहीं चाहिए और हमेशा मन में शिव और पार्वती का नाम जपते रहना बहुत ही शुभ फलदायक रहता है।