राम से बड़ा राम का नाम
इन गुणों ने बनाया मर्यादा पुरुषोत्तम
भगवान ने अपने आदर्श चरित्र से मानवता को अमर बना दिया। उससे पूर्व सुर और असुर का ही नाम अधिक लिया जाता था। मानव का महत्व अब तक अज्ञात था। श्री राम जी ने अपने अलौकिक स्वभाव, अद्भुत कार्य, उत्तम शील, अद्वितीय वीरता, अनुकरणीय सहनशीलता, विनम्रता, धर्म-प्रियता, परोपकार, स्वार्थ-त्याग आदि से जन-जन के मानस में अपना अधिकार जमा लिया था। यही कारण है कि अपने जीवनकाल में ही वे परम पूज्य हो गये थे और उसके बाद उत्तरोत्तर उनके प्रति श्रद्धा भक्ति भावना में विकास होता गया।