शनि को यम, काल, दु:ख, दारिद्रय तथा मंद कहा जाता है। मौजूदा दौर में किसी भी परेशानी, संकट, दुर्घटना, आर्थिक नुकसान, अपमान आदि के समय हम उसके मूल में शनि का होना मान लेते हैं, लेकिन क्या यह सही है? निश्चित तौर पर शनि दंड के स्वामी हैं। परंतु तभी, जब आपने कोई गलत कार्य किया हो। शनि कर्म के देवता हैं और आपके किए गए कार्य का फल जरूर देते हैं।
हालांकि कुंडली में शनिदोष होना शुभ नहीं माना जाता है। शनि दोष से पीड़ित व्यक्ति अक्सर अपनी तमाम समस्याओं से चाहते हुए भी नहीं निकल पाता है, लेकिन इस समस्या का सरल और सहज निदान हमारे शास्त्रों में बताया गया है। शनिदोष दूर करने के लिए कई मंत्रों समेत कई सनातनी उपाय हैं, जिन्हें करके आप भगवान शनिदेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
शनि दोष दूर करने के उपायों को जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —