होनहारों की मदद को यूटीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज लिमिटेड शिमला में सीनियर मैनेजर आईटी योगेश शर्मा फिर आगे आए हैं। ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर पढ़ने के बाद उन्होंने दो मेधावी छात्राओं को सहयोग राशि देने का बीड़ा उठाया है।
दोनों छात्राओं को 2500-2500 रुपये दिए हैं। प्रियंका और नीलम को इससे काफी सहारा मिला है। दोनों को ‘अमर उजाला’ प्रतिभा सम्मान समारोह में अलंकृत किया जा चुका है। योगेश शर्मा ने वर्ष 2012 में भी एक छात्र अक्षय कुमार की मदद की थी।
अक्षय दसवीं की मेरिट में छठे स्थान पर रहे थे। सरकाघाट निवासी योगेश शर्मा ने ‘अमर उजाला’ के 16 जुलाई, 2014 के अंक में दोनों छात्राओं की आर्थिक तंगहाली की खबरें पढ़ीं। हमीरपुर के चौकी की प्रियंका का दसवीं की मेरिट में सातवां स्थान था।
उन्होंने ‘अमर उजाला’ प्रतिभा सम्मान लेते हुए कहा था कि उनके पिता नरेंद्र कुमार मजदूरी करते हैं। ढाबरी स्कूल के डीपीई विचित्र सिंह ने पूरे साल की फीस दी। वर्दी और किताबें नाना-नानी ने दीं। संगड़ाह की नीलम जमा दो कला में प्रदेश में चौथे स्थान पर रहीं।
नीलम ने कहा था कि पिता मिस्त्री हैं और रिश्तेदारों से उधार लेकर पढ़ाई का खर्च दे पा रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महारल के प्रधानाचार्य करतार सिंह ढिल्लों ने कहा कि छात्रा प्रियंका की मदद को योगेश शर्मा ने 2500 रुपये दिए हैं।
दो साल तक प्रियंका की स्कूल प्रशासन भी मदद करेगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संगड़ाह के प्रधानाचार्य मुकेश ने भी माना कि नीलम को योगेश शर्मा से 2500 रुपये की मदद मिली है।