शिमला में 1342 गाड़ियों की येलो लाइन पार्किंग का आवंटन अब पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा। यह फैसला नगर निगम ने पार्किंग का टेंडर चौथी बार रद्द होने के बाद लिया। ठेकेदार न मिलने से नगर निगम ने इसका टेंडर रद्द कर दिया है। लोगों को येलो लाइन पार्किंग की सुविधा देने के लिए नगर निगम प्रशासन जल्द ही आवेदन मांग सकता है। लोग अपने घर के पास लगी येलो लाइन पार्किंग के लिए नगर निगम में आवेदन कर सकेंगे। लोगों से छह माह या एक साल का एकमुश्त शुल्क लिया जाएगा।
निगम प्रशासन के अनुसार चौथी बार येलो लाइन पार्किंग के लिए टेंडर कॉल किए थे। इस बार शर्तों में भी राहत दी थी। लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार नहीं आए। अब बार-बार टेंडर करने की बजाय सीधे लोगों से आवेदन लेकर उन्हें पार्किंग का आवंटन किया जाएगा। इससे लोगों को जल्द पार्किंग सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन यह फार्मूला पहले भी अपना चुका है।
तब निगम को पार्किंग से ज्यादा आवेदन मिल गए थे। बाद में विवाद बढ़ने पर यह फैसला लागू नहीं हो पाया। ऐसे में इस बार भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पार्किंग आवंटन निगम के लिए परेशानी भरा रह सकता है। हालांकि, इस आवंटन से नगर निगम को बार बार टेंडर करने का खर्च नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा पार्किंग से कमाई भी शुरू हो जाएगी।
नई पार्किंग में भी सिर्फ दो के लिए मिले ठेकेदार
शहर में नगर निगम की 12 नई कवर्ड पार्किंग के लिए भी टेंडर कॉल किए थे। इनमें भी सिर्फ दो के लिए ही ठेकेदार मिल पाए हैं। विकासनगर में कालीमाता मंदिर के पास 42 गाड़ियों और बैनमोर में बनी पार्किंग के लिए टेंडर अवार्ड किए हैं। बाकी 10 पार्किंग के टेंडर रद्द हो गए हैं। ऐसे में लोगों को इनमें पार्किंग की बुकिंग के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
दो सड़कों की येलो लाइन का करेंगे टेंडर
नगर निगम सर्कुलर रोड और संजौली ढली बायपास पर लगने वाली येलो लाइन के लिए टेंडर कॉल कर सकता है। इसके लिए अब तक एक बार ही टेंडर कॉल किया गया है। इसमें बैमलोई से लेकर छोटा शिमला तक 55 गाड़ियों की येलो लाइन के लिए ठेकेदार मिलने पर टेंडर अवार्ड किया जा रहा है। बाकी जगह ठेकेदार नहीं आए। ऐसे में दोबारा टेंडर कॉल करेंगे।
रद्द किया टेंडर, अब नहीं करेंगे
येलो लाइन पार्किंग का टेंडर फिर रद्द करना पड़ा है। ठेकेदार न मिलने के कारण अब पहले आओ पहले पाओ के आधार पर जनता को इसका आवंटन करेंगे। इससे लोगों को जल्द सुविधा मिलेगी। अब दोबारा टेंडर नहीं किया जाएगा।
-आशीष कोहली, नगर निगम आयुक्त