राजधानी में 24 घंटे मिलेगी पानी की सप्लाई
परियोजना पर 1825 करोड़ रुपये होंगे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सप्लाई देने के लिए तैयार किए सतलुज वाटर प्रोजेक्ट के काम के लिए वर्ल्ड बैंक कुल 1168 करोड़ रुपये देगा। बाकी 657 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार देगी।
इस पेयजल प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश सरकार और वर्ल्ड बैंक के बीच जारी समझौता प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। प्रदेश सरकार की ओर से शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव रजनीश ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया। प्रोजेक्ट पर कुल 1825 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्ल्ड बैंक से जनवरी 2022 तक इसका फंड मिलने की उम्मीद है। यह राशि अगले पांच साल तक मिलेगी। इसके तहत शिमला शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई दी जाएगी। साथ ही शहर में सीवरेज नेटवर्क मजबूत होगा और नये सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होंगे।
शिमला शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई देने के लिए सतलुज से शिमला के लिए पानी लिफ्ट किया जाएगा। प्रोजेक्ट बनने के बाद रोजाना 67 एमएलडी तक पानी शिमला को मिल सकेगा। प्रोजेक्ट को वन विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसमें 1300 से अधिक हरे पेड़ काटे जाने हैं। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वन विभाग की मंजूरी और समझौता प्रक्रिया पूरी होने से अब इस प्रोजेक्ट का काम रफ्तार पकड़ सकेगा। इस प्रोजेक्ट के बनने से शिमला शहर में पानी का संकट नहीं रहेगा। वहीं शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों के प्रोेजेक्ट को लेकर दिल्ली चले गए हैं। इस दौरान वह कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।