सामूहिक नाटी डालकर महिलाओं ने सैलानियों व आम लोगों को कुल्लू घाटी की संस्कृति से रूबरू करवाया। राइट बैंक व वामतट के महिला मंडलों की इस प्रतियोगिता में वामतट की सैकड़ों महिलाओं ने दाएं तट की महिलाओं को कड़ी टक्कर दी।
राष्ट्रीय विंटर कार्निवाल के आखिरी दिन गुरुवार को मनाली माल रोड पर वामतट की सैकड़ों महिलाओं ने लोक संस्कृति व नारी शक्ति का संदेश दिया। माल रोड पर पड़ी बर्फ के बीच महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजधज कर कुल्लवी नाटी डाली। सामूहिक नाटी डालकर महिलाओं ने सैलानियों व आम लोगों को कुल्लू घाटी की संस्कृति से रूबरू करवाया। राइट बैंक व वामतट के महिला मंडलों की इस प्रतियोगिता में वामतट की सैकड़ों महिलाओं ने दाएं तट की महिलाओं को कड़ी टक्कर दी।
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ऐतिहासिक मनाली माल रोड पर ब्यास नदी के वाम तट मार्ग से जुड़े करीब 50 महिला मंडलों की 500 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिवेश में नृत्य किया। ढोल-नगाड़ों व करनाल की धुन के साथ पहाड़ी गीतों पर महिलाओं की इस प्रस्तुति ने लोगों पर यादगार छाप छोड़ी। महिला मंडलों की कुल्लवी नाटी को देखकर कई सैलानियों भी थिरकते दिखे। इस भव्य नजारे को पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद किया।
नाटी के लिए उत्सुक महिलाएं दो घंटे पहले ही मनाली के माल रोड पर पहुंच गईं थीं। महिलाओं ने लाल धाठू व सफेद पट्टू के साथ कुल्लवी थिपू, चंद्रहार, चांपकली, चांदी कीचू ड़ियां, बाजू बंद, पायल तथा कंगन के साथ सामूहिक नाटी डाली। करीब एक घंटे तक चली भव्य नाटी को देखने के लिए मालरोड के साथ आसपास के भवनों में लोगों व सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी।निर्णायक मंडल के सदस्य डा सरूत ठाकुर ने कहा कि नाटी में वामतट के 50 महिला मंडलों की 500 महिलाओं ने भाग लिया। उधर, मनाली विंटर कार्निवाल कमेटी मनाली के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम मनाली सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि दोनों तटों में से किसी एक टीम को विजेता घोषित किया जाएगा।