शिमला रामपुर नाथ्ापा झाकड़ी परियाेजना में अपनी मांगाे काो लेकर कई माह से क्रमिक अनशन पर बैठी विस्थापित कल्याण समिति ने अब आमरण अनशन करने का फैसला लिया है। आमरण अनशन को लेकर समिति की बैठक झाकड़ी में आयोजित की गई।
बैठक में नाथपा से लेकर झाकड़ी तक के लोग उपस्थित रहे। बैठक विस्थापित कल्याण समिति के अध्यक्ष विशाल मेहता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 22 वर्ष से लंबित मांगों को लेकर चरचा की गई।
इसमें 27-12-1991 के निदेशक मंडल के अनुसार प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को रोजगार देना था। जबकि 5-10-2011 की अधिसूचना के अनुसार परियोजना के उत्पादन का 1 प्रतिशत भाग नकदी के तौर पर विस्थापितों को दिया जाना था।
इसके अलावा विस्थापितों की कई मांगें हैं, जिन्हें परियोजना प्रबंधन ने आज तक नहीं माना है। इसके विरोध में ये लोग पिछले पांच माह से क्रमिक अनशन पर बैठे थे। बैठक में निर्णय लिया गया है कि क्रमिक अनशन के बाद भी न तो सरकार और न ही परियोजना प्रबंधन ने उनकी मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं। इस कारण अब मजबूरी में आमरण अनशन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अध्यक्ष ने बताया कि 20 जुलाई को परियोजना गेट पर विस्थापित प्रभावित परिवारों के सदस्य आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसकी पूरी जिम्मेवारी परियोजना प्रबंधन और प्रदेश सरकार की होगी।
बैठक में पूर्व प्रधान झाकड़ी हरी दास राठौर, सतीश शर्मा, बीडीसी सदस्य गोपी चंद नेगी, उपप्रधान झाकड़ी रोशन लाल डोगरा, पूर्व उपप्रधान सबीर दास, मान दास, बीडीसी चेयरमैन निचार किन्नौर, ग्राम पंचायत सदस्य झाकड़ी सेना देवी, भाग चंद, बीरबल कश्यप, प्रेम चंद ठाकुर, ईश्वर, सुनीला, सरोज नेगी, बलदेव पाराशर।
सुंदर भंडारी, चिंता देवी, शारदा देवी, राजवंती, समिति सहसचिव राकेश मेहता, सलाहकार समिति सदस्य भगत राम भारती और सभी समिति सदस्य कोषाध्यक्ष भूपेश भंडारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।