वन्य प्राणी विभाग मंडल हमीरपुर के धौलाधार और बड़ा भंगाल अभयारण्य में काले और भूरे भालुओं की गणना की जाएगी। विभाग के उच्च अधिकारियों ने इसके लिए योजना तैयार कर ली है। मुंबई से आने वाली टीम से संपर्क साधा जा रहा है। वर्ष 2020 में भी अभयारण्य क्षेत्र में विभाग की ओर से अनुमानित गणना करवाई गई थी। उस समय काले और भूरे भालुओं की संख्या केवल 25 ही पाई गई थी।
अब जो भालुओं की गणना को लेकर सर्वेक्षण होगा, उससे पता चलेगा कि इस क्षेत्र में भालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है या कम हुई है। मुंबई से टीम जल्द ही बड़ा भंगाल के अभयारण्य क्षेत्र की पहाड़ियों में घूमती हुई नजर आएगी। वन्य प्राणी विभाग इससे पहले भालुओं के पैरों के निशान और मिट्टी को विभाग की लैब में टेस्टिंग के लिए भेजते रहे हैं। इसके बाद ही इनके अलग-अलग होने का पता चलता है।
भालुओं के बालों को भी गणना के पैमाने में शामिल किया जाता है। इसके अतिरिक्त भालुओं के मल के सैंपल लेकर और लैब में टेस्ट करवाकर इनकी गणना की जाती है। विभाग की गणना करने वाली एजेंसियां पैरों के आधार पर जगह-जगह सीसीटीवी लगाती है। इससे पता चल जाता है कि इस जगह से कितने भालू गुजरे हैं।
बड़ा भंगाल क्षेत्र में इस माह भालुओं की गणना की जानी है। इसके लिए वन्य प्राणी विभाग ने मुंबई की टीम को हर प्रकार की मदद देने के लिए प्रबंध कर दिए हैं। वर्ष 2020 की गणना से पता चला है कि हिमाचल में काले रंग के भालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब नवंबर में भालुओं की गिनती के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक होगी।
मुंबई की कंपनी बड़ा भंगाल और धौलाधार की पहाड़ियों में भूरे और काले रंग के भालुओं की गणना करेगी। यह गणना नवंबर महीने से ही की जानी है। टीम जल्द इन पहाड़ियों में अनुमानित सर्वे करती हुई नजर आएगी।
- रेजनॉल्ड रॉयसटन, डीएफओ, वन्य प्राणी विभाग मंडल हमीरपुर