फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: पति का वेतन जानने का पत्नी को पूरा हक, सूचना आयोग ने बैंक को लगाई फटकार

Sun, 27 Jun 2021 09:38 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

कुनिहार की महिला ने अपने पति राजेंद्र कुमार, जो कि हमीरपुर जिले के बड़सर के बणी में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में शाखा प्रबंधक हैं, का मासिक पारिश्रमिक ब्योरा मांगा। उसने पति के लोन अकाउंट के अलावा जीपीएफ या ईपीएफ की कटौती के अलावा पूरी सर्विस बुक आरटीआई एक्ट के तहत मांगी। 
विज्ञापन
आरटीआई एक्ट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पत्नी को पति के वेतन की जानकारी न देने पर सूचना आयोग ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को कड़ी फटकार लगाई है। हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने कहा है कि आरटीआई एक्ट की धारा 4 के तहत ऐसी सूचना खुद पब्लिक अथॉरिटी को सू-मोटो लेते हुए सार्वजनिक करनी चाहिए। राज्य सूचना आयोग ने यह टिप्पणी एक पत्नी की ओर से अपने अधिकारी पति के पारिश्रमिक का ब्योरा मांगने पर की। संबंधित जन सूचना अधिकारी की ओर से इस सूचना को साझा नहीं किया गया। जन सूचना अधिकारी ने कहा कि यह थर्ड पार्टी सूचना है। जानकारी के अनुसार कुनिहार की महिला ने अपने पति राजेंद्र कुमार, जो कि हमीरपुर जिले के बड़सर के बणी में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में शाखा प्रबंधक हैं, का मासिक पारिश्रमिक ब्योरा मांगा।

विज्ञापन


उसने पति के लोन अकाउंट के अलावा जीपीएफ या ईपीएफ की कटौती के अलावा पूरी सर्विस बुक आरटीआई एक्ट के तहत मांगी। यह सूचना सहायक महाप्रबंधक कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के पीआईओ से मांगी गई। सूचना नहीं मिलने पर जब बैंक के प्रबंध निदेशक के पास प्रथम अपील की गई तो उन्होंने इसे व्यक्तिगत सूचना मानते हुए और इसे थर्ड पार्टी सूचना करार देते हुए देने से इनकार कर दिया। आयोग ने कहा कि आरटीआई एक्ट अपनी धारा आठ के तहत व्यक्तिगत सूचना देने से इनकार करता है, मगर वह इनकार वहां किया जाता है, जहां व्यापक जनहित न हो। अगर व्यापक जनहित हो तो इस तरह की सूचना दी जा सकती है। 

बैंक को आदेश, 15 दिन में पत्नी को दें जानकारी
सूचना आयोग ने कहा कि जानकारी मांगने वाला अगर कोई अजनबी हो तो भी इससे इनकार किया जा सकता है। यह सूचना मांगने वाली उसकी पत्नी है। यह सूचना ऐसी भी नहीं है कि यह नहीं दी जा सके। यह वेतन से संबंधित है और पति और पत्नी दोनों से ही इसका संबंध है। आयोग ने इस संबंध में कई अदालतों के आदेशों का भी हवाला दिया और कहा कि इस तरह की सूचना आरटीआई एक्ट की धारा 4 के तहत खुद ही पब्लिक अथॉरिटी को सार्वजनिक करनी चाहिए। आयोग ने बैंक को यह सूचना उसकी पत्नी को 15 दिन के भीतर देने के आदेश जारी किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें