शहरवासियों को आए दिन सर्कुलर रोड पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से जल्द ही निजात मिल सकती है। राजधानी के सबसे व्यस्ततम रोड पर यातायात सुचारु करने के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 200 करोड़ रुपये की बड़ी योजना तैयार की गई है।
इसके तहत ढली से लेकर वाया छोटा शिमला होते हुए संकटमोचन तक के 31 किमी लंबे रोड को चौड़ा किया जा रहा है। इसमें पूरा कार्टरोड भी शामिल है। योजना पर लोक निर्माण विभाग ने काम भी शुरू कर दिया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इस रूट पर 70 ऐसे प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं,
जिन्हें चौड़ा किया जाना है। इनमें से 40 जगह एमसी की जमीन है और इसके लिए निगम ने एनओसी भी दे दी है। इसके अलावा 11 प्वाइंट प्राइवेट जमीन है जिसे अधिग्रहण करने की प्रक्रिया चल रही है। इस रूट पर कई जगह पेड़ भी आड़े आ रहे थे जिन्हें हटाने के लिए एनजीटी से अनुमति ली गई है।
राहगीरों को राहत, फुटपाथ-ओवरब्रिज बनेंगे
शहर के मेन रोड को चौड़ा करने के अलावा सड़क के साथ-साथ फुटपाथ भी बनाया जाएगा। इसके अलावा फुट ओवर ब्रिज भी बनने हैं जिन पर 25.50 करोड़ रुपये खर्च होगा। इनके लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है। लोगों की मांग के अनुसार ताराहॉल, टॉलैंड, खलीणी जैसी जगहों पर ये ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।
अंडरग्राउंड होंगी बिजली की तारें, केबल और पाइप लाइन
बिजली के तार और केबल भी अब सड़कों के ऊपर लटकते दिखाई नहीं देंगे। इन्हें अंडरग्राउंड डक्ट (भूमिगत नालियां) के माध्यम से बिछाया जा रहा है। 31 किलोमीटर तक बनने वाले डक्ट पर 35 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। डक्ट बनने से तारें बिछाने के लिए सड़क बार-बार नहीं खोदनी पड़ेगी।
शहर के 31 किमी लंबे सड़क मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। इसका सर्वे हो चुका है और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाले बजट को इस योजना पर खर्च किया जाएगा। पैदल चलने वालों के लिए भी फुटपाथ और ओवरब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है। -प्रशांत सरकैक, नोडल ऑफिसर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, शिमला