प्रदेश की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वीसी फारका ने की। कहा कि लुभावने प्रलोभन देकर अनाधिकृत तौर पर धनराशि स्वीकार करने से जुड़े मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कहा कि समस्त नियामक तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सलाहकार एवं समन्वित दृष्टिकोण के साथ सक्रिय भूमिका निभाते हुए जनमानस को ऐसी कंपनियों की ठगी से बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
फारका ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से ऐसी वित्तीय कंपनियों से बचने तथा इनकी जानकारी देने के लिए ‘सचेत’ वेबसाइट शुरू की है। कोई भी व्यक्ति जिसके साथ किसी वित्तीय एजेंसी ने धोखाधड़ी की है अथवा अनधिकृत तौर पर पैसा ऐंठने की कोशिश की है, वह ‘सचेत’ पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है अथवा ऐसी कंपनी की जानकारी अपलोड कर सकता है।
उन्होंने कहा कि सचेत पर ऐसी अनेक कंपनियों अथवा वित्तीय एजेंसियों की जानकारी उपलब्ध है। जो लोगों को प्रलोभन देकर उनका पैसा हड़पने की फिराक में रहती हैं। ‘सचेत’ एक बहुआयामी आवेदन है, जिसके माध्यम से नियामक संस्थान ऐसी जाली कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई करती हैं।
साथ ही इन कंपनियों की जानकारी से दूसरे लोगों को भी ठगी से बचाने में मदद करती है। इसमें व्यक्ति अपने अनुभव व विचार भी साझा कर सकता है। मुख्य सचिव को अवगत करवाया गया कि भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) द्वारा वर्ष 2016-17 के दौरान राज्य के विभिन्न भागों में कुल 227 जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशालाएं और के अलावा 14 निवेशक जागरूकता शिविर लगाए गए हैं।
विभिन्न वित्तीय एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने कहा कि खाते का ब्योरा और पासवर्ड संबंधी निजी जानकारी के लिए बैंक कभी भी ई-मेल अथवा एसएमएस नहीं करता है।
किसी को भी पैसे का प्रलोभन नहीं देता है। उन्होंने आम जनमानस से इस प्रकार के प्रलोभनों से बचने तथा अपने बैंक खाते की जानकारी साझा न करने की अपील की है। भारतीय रिजर्व बैंक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।