मुख्य सचिव रामसुभग सिंह
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उधर, मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने कम पानी वाली पेयजल परियोजनाओं को प्रचुर पानी वाले जल स्रोतों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। जल स्रोतों को रिचार्ज करने के लिए चेक डैम बनाने, जल संग्रहण या अन्य तरीकों को अपनाने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव ने शनिवार को प्रदेश में सूखे जैसी स्थिति से निपटने और राज्य में चल रहीं विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों को सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जरूरत के अनुसार हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने सूखे से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को इसका आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है। मुख्य सचिव ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक जल स्रोतों, बावड़ियों आदि का जीर्णोद्धार, सफाई और जिओ टैगिंग प्राथमिकता के आधार पर करें ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण किया जा सके। उन्होंने हैंडपंप के माध्यम से उचित मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारे की समस्या वाले क्षेत्रों में तूड़ी आदि की व्यवस्था के लिए योजना तैयार करें।
हर जिले में बनाए जा रहे 75-75 अमृत सरोवर
मुख्य सचिव ने कहा है कि ‘कैच द रेन’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में प्राथमिकता के आधार पर 75-75 अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। इन अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त को क्षेत्र के 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजन अथवा किसी शहीद के परिजन की ओर से तिरंगा फहराया जाएगा।