वहीं, नगर निगम की मासिक बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा बरपा। सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कृष्णानगर से भाजपा पार्षद बिट्टू पाना बैठक शुरू होते ही सदन के बीच आकर मेयर के सामने धरने पर बैठ गए। बोले, पांच साल बहुत सह लिया, अब सहन नहीं होगा। भाजपा पार्षद ने उनके वार्ड से भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अफसरों को घेरा। कहा कि नाले कचरे से भरे हैं लेकिन अफसर फोन तक नहीं उठाते। वार्ड में आरक्षित वर्ग की ज्यादा आबादी है, शायद इसलिए निगम यहां सफाई नहीं करवाता। कहा कि शुक्रवार को कृष्णानगर में एक गरीब व्यक्ति का ढारा जल गया। कचरे में लगी आग से ढारा जला। बोले, नगर निगम नाले पक्के करने के दावे छोड़कर कम से कम इनकी सफाई तो करवाए। चेतावनी दी कि यदि दो दिन में नाले साफ नहीं किए तो नगर निगम दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
मेयर ने पार्षद को समझाने की कोशिश की। नहीं मानें तो 2:50 बजे सदन दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। तीन बजे सदन दोबारा शुरू हुआ तो पार्षद फिर सवाल पूछने लगे। डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने कहा कि पार्षद सही कह रहे हैं। वह आगजनी की घटना का जायजा लेने कृष्णानगर गए थे। यहां गंदगी और बदबू इतनी ज्यादा थी कि उन्हें उल्टियां हो गईं। पार्षदों को भी सफाई अभियान चलाने चाहिए। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान ने कहा कि सफाई अभियान चलाकर कृष्णानगर के नालों से 300 टन कचरा निकाला है। आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि पार्षद के साथ शनिवार को निगम की टीम मौके पर आएगी और सफाई करेगी।
कमल के फूल वाला गेट लगाने पर हंगामा
भाजपा पार्षद के शांत होते ही कांग्रेसी पार्षदों ने शांति विहार वार्ड में कमल के फूल वाला गेट लगाने पर हंगामा कर दिया। सभी कांग्रेसी पार्षद मेयर के सामने आ गए और धरने पर बैठ गए। यहां मेयर से तीखी नोंकझोंक भी हुई। स्थानीय पार्षद शारदा चौहान ने कहा कि उनसे बिना पूछे निगम ने कमल वाला गेट लगाया। हंगामा बढ़ता देख मेयर ने 3:10 बजे फिर सदन स्थगित कर दिया। 3:25 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ लेकिन कांग्रेसी पार्षद फिर मेयर के सामने खड़े हो गए। मेयर बोली, कमल हमारा राष्ट्रीय फूल है, इसकी बेइज्जती सहन नहीं होगी। कहा कि गेट में कौन सा फूल लगा है, उन्हें नहीं पता। मेयर को घिरता देख भाजपा पार्षद भी बचाव में उतरे। 20 मिनट तक मेयर की कुर्सी के पास हंगामा चलता रहा।