हिमाचल प्रदेश के दस जिलों में मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान प्रदेश में भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। लोगों से नदी और नालों के समीप नहीं जाने की अपील की गई है। एक अगस्त तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। सोमवार को राजधानी शिमला में दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। जिला कांगड़ा में रविवार देर रात से सोमवार सुबह करीब 11 बजे तक बारिश हुई।
भारी बारिश के कारण उपमंडल इंदौरा में मंड क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरद्वारा और मलकाना को जोड़ने वाली कच्ची पुलिया बह जाने से मलकाना, फलाई, मेरा व ढसोली आदि गांवों का ठाकुरद्वारा से संपर्क टूट गया। लोक निर्माण विभाग के धर्मशाला उपमंडल में चार सड़कों पर मलबा आ जाने से यहां आवाजाही बंद हो गई थी। विभाग ने मलबा हटाकर सुबह तक इन्हें आवाजाही के लिए बहाल कर दिया।
भारी बारिश के कारण जल शक्ति विभाग की पांच पेयजल परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे विभाग को करीब 70 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। वहीं, धान और मक्की की फसल के लिए यह बारिश लाभकारी बताई जा रही है। सोमवार को नाहन में 28.8, कांगड़ा में 26.0, सुंदरनगर में 22.8, जोगिंद्रनगर में 22.5, शाहपुर में 14.0, धर्मशाला में 11.0, मंडी में 9.0, शिमला में 3.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
उधर, प्रदेश के अधिकतम तापमान में सोमवार को दो डिग्री की कमी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 31.0, भुंतर में 30.6, बिलासपुर में 29.0, हमीरपुर में 28.8, चंबा में 29.9, कांगड़ा में 28.4, धर्मशाला-केलांग में 27.2, सुंदरनगर में 26.2, नाहन में 25.1, कल्पा में 24.1, शिमला में 20.8 और डलहौजी में 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गुम्मा में दरकी पहाड़ी, दो घंटे बंद रहा मंडी-पठानकोट हाईवे
मंडी-पठानकोट हाईवे पर सोमवार दोपहर बाद गुम्मा के नजदीक अचानक पहाड़ी दरकने से यातायात करीब दो घंटे तक बाधित रहा। इस दौरान सड़क के दोनों और वाहनों की कतारें लग गईं। इससे वाहनों में सवार यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। पहाड़ दरकने से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। बाद में लोनिवि ने कर्मचारियों और मशीनरी से मार्ग को बहाल कर यातायात सुचारु किया।
सोमवार दोपहर बाद जोगिंद्रनगर से करीब नौ किलोमीटर दूर गुम्मा के छाणग के नजदीक पहाड़ी दरकने से हाईवे पर यातायात थम गया। काफी संख्या में यात्री अपने गंतव्य स्थान तक तय समय पर नहीं पहुंच पाए। करीब तीन किलोमीटर तक सड़क के दोनों ओर जाम की स्थिति बनी रही। इस बारे एसडीएम जोगिंद्रनगर डॉ. विशाल शर्मा ने कहा कि जेसीबी मशीन से मलबे को हटाकर हाईवे को बहाल करवा दिया है। वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी है।