गोबिंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग के पास अधिसूचना पहुंच गई है। अब शीघ्र ही झील में क्रूज, मोटर बोट्स, हाई स्पीड बोट्स और शिकारा की सुविधा मिलेगी। वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए झील के करीब 60 किलोमीटर क्षेत्र को अधिसूचित किया गया है। यह क्षेत्र लुहणू घाट से लेकर भाखड़ा से पांच किलोमीटर पहले तक है।
25 अक्तूबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बिलासपुर दौरे के दौरान साइट अधिसूचित करने की घोषणा की थी। अब साइट अधिसूचित होने के बाद यहां पर गतिविधियां शुरू होंगी। गोबिंद सागर झील में शिकारा, मोटर बोट्स, क्रूज चलने से जहां यहां सैलानियों की संख्या बढ़ेगी, वहीं पर्यटन कारोबार बढ़ने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे।
बता दें कि यहां निवेश के लिए बड़ी कंपनियां भी पर्यटन विभाग के संपर्क में हैं। बिलासपुर से भाखड़ा बांध 65 किमी दूर है। ये साइट प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए पहली लंबी साइट होगी। पर्यटक साइट पर वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच भरा सफर करेंगे। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन का काफी लंबा भाग झील के किनारे से गुजरता है।
झील में गतिविधियां होने से फोरलेन से गुजरने वाले पर्यटक आकर्षित होंगे। साथ लगते कई धार्मिक-पर्यटन स्थल विकसित होंगे। झील में गोवा की तर्ज पर क्रूज और डल झील की तर्ज पर शिकारा उतारने की तैयारी पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने की है। क्रूज में सैलानी लग्जरी पार्टियां भी कर सकेंगे।
विभाग के पास गोबिंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने की अधिसूचना पहुंच गई है। साइट पर गतिविधियां चलाने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। जैसे ही विभाग के पास निवेशक पहुंचते हैं, वैसे ही अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
- रितेश पटियाल, सहायक मंडलीय अधिकारी (पर्यटन)