पेयजल कंपनी घर के गेट पर लगवाएगी मीटर, रीडिंग लेने में होगी अब आसानी
क्रॉसर
घर के अंदर मीटर होने से रीडिंग लेने में होती है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में चार हजार से अधिक उपभोक्ताओं के पेयजल मीटर घरों से बाहर शिफ्ट किए जाएंगे। भवनों के अंदर लगे इन मीटरों को पेयजल कंपनी घर के बाहर गेट पर लगाएगी।
हर महीने उपभोक्ताओं को पेयजल बिल जारी करने में यह मीटर परेशानी का कारण बन रहे हैं। पेयजल कंपनी का कहना है कि घरों के अंदर लगे इन मीटरों से समय पर रीडिंग नहीं मिल रही। कंपनी के मीटर रीडर पेयजल बिल जारी करने के लिए इनकी रीडिंग लेने जाते हैं तो हर बार भवन मालिक से दरवाजे खुलवाने पड़ते हैं। कई बार भवन मालिक घर पर नहीं मिलते। ऐसे में मीटरों की रीडिंग नहीं हो पाती। मीटर रीडरों को बार-बार इनके घरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई जगह पेयजल मीटर भवनों की छतों या दीवारों पर लगे हैं जहां रीडिंग लेना आसान नहीं है। कर्मचारियों ने इस बारे में कई बार पेयजल कंपनी में शिकायत दी। समय पर रीडिंग न होने से मासिक बिल जारी करने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। ऐसे में कंपनी ने इन उपभोक्ताओं के पेयजल मीटर घर के बाहर लगाने का फैसला लिया है। इसका काम ठेकेदार को दिया जाएगा। एजीएम कार्यालय से इसकी फाइल एमडी को भेज दी है। मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। एजीएम हरमेश भाटिया ने बताया कि बचत पेयजल मीटरों को भी ऐसी जगह लगाया जाएगा जहां आसानी से इनकी रीडिंग ली जा सके।
शहर में 35 हजार से अधिक उपभोक्ता
शहर में 35 हजार से अधिक पेयजल उपभोक्ता हैं। कई उपभोक्ताओं ने खुद मीटर भवनों के अंदर लगवाए हैं। इनका कहना है कि बंदर मीटर तोड़ देते हैं। कुछ उपभोक्ताओं ने सर्दियों में मीटर फटने से बचाने के लिए घर के अंदर लगाए हैं। लेकिन अब इन्हें बाहर शिफ्ट करना पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि भवन मालिकों को बिजली मीटर की तरह पेयजल मीटर के लिए भी घर के बाहर जगह देनी होगी।