राजधानी शिमला को पेयजल आपूर्ति करने वाली अश्वनी खड्ड पेयजल योजना से जैसे ही पानी की आपूर्ति को बंद की शहर में पेयजलसंकट गहरा गया है। नगर निगम शिमला ने अश्वनी खड्ड में दूषित पानी पाए जाने से अश्वनी खड्ड परियोजना से पानी की आपूर्ति तो बंद कर दी लेकिन शहर के लोगों की डिमांड अनुसार कोई दूसरा इंतजाम नहीं किया।
एमसी शिमला ने पानी की कमी होने पर एक दिन छोड़ कर सप्लाई देनी शुरू कर दी लेकिन लोगों को तीसरे दिन भी पानी की सप्लाई न मिलने से दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। जलसंकट से शहर के लोगों में पानी के लिए हाहाकार मचना शुरू हो गया है। हालात यह है कि आधे शहर के लोगों को पिछले पांच दिन से एक बूंद पानी की भी नसीब नहीं हुई। शहर के लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी चलाने के लिए मजबूरन अपनी और अपने परिवार की प्यास बुझाने के लिए अधिकतम दाम देकर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
नगर निगम शिमला आधे शहर को पांच दिन से पानी की सप्लाई नहीं दे पाया है। इस कारण खलीणी, कनलोग, बैमलोई, एडवर्ड, टालैंड, लोअर खलीणी, फारेस्ट कालोनी, बीसीएस, न्यू शिला सेक्टर एक से चार तक, अप्पर कंगनाधार, लोअर कंगनाधार, विकासनगर, कसुम्पटी, पंथाधाटी और मेहली के साथ लगते क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित है।
नगर निगम शिमला के अधिशासी अभियंता विजय गुप्ता ने बताया कि पानी की लाइन टूटने से पानी की सप्लाई में दिक्कत आई थी। इसकी रिपेयर कर ठीक कर दिया है। मंगलवार से पूरे शहर में पानी की आपूर्ति बहाल कर दी है।
अश्वनी खड्ड से सप्लाई बंद होने के कारण दिक्कतें बढ़ी
शहर में अश्वनी
खड्ड परियोजना से पानी की सप्लाई बंद होने के बाद हर इलाके में पेयजल
किल्लत हो गई। आलम यह है कि लोगों को टैंकरों में पानी खरीदकर लाना पड़ रहा
है। अभी शहर के स्कूल बंद तथा लोग बाहर गए हैं। स्कूल खुलने के बाद पानी
की जैसे ही मांग बढ़ेगी, पानी की किल्लत और विकराल हो जाएगी। पानी के नलकों
के आगे खाली बर्तनों की लंबी लाइनें लगी हैं।
केएनएच में पानी की सप्लाई ठप, मरीज-तीमारदार, परेशान
प्रदेश के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच में मंगलवार को पानी की आपूर्ति ठप हो गई। इस कारण अस्पताल में आए लोेगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल में पानी न होने से दाखिल महिलाओं के तीमारदारों को बोतल बंद पानी की खरीददारी करनी पड़ी। वहीं अस्पताल में सुबह मिलने वाले ब्रेकफास्ट के बाद महिलाओं को अपनी थाली तक धोने के लिए पानी नहीं मिला। गौरतलब है कि कमला नेहरू अस्पताल प्रदेश का सबसे पुराना और बड़ा अस्पताल है। अस्पताल में उपचार करवाने के लिए महिलाएं दूर-दूर के क्षेत्रों से यहां पर आती हैं।
लेकिन मंगलवार को एकाएक पानी की आपूर्ति खत्म होने से महिलाओं और उनके तीमारदारों को काफी परेशान होना पड़ा। अस्पताल में रोजाना दर्जनों ऑपरेशन होते हैं, ऐसे में डॉक्टरों को काफी मात्रा में डिलीवरी केसों में पानी की जरूरत होती है। लेकिन पानी न मिलने से मंगलवार को सब परेशान रहे। पानी की किल्लत होने से अस्पताल में सबसे ज्यादा परेशानी स्पेशल वार्ड, एंटीनेटल वार्ड और गायनी वार्ड में रह रहे मरीजों को पेश आई।
स्पेशल वार्ड में मरीजों से मिलने आए तीमारदारों ने कहा कि अस्पताल में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। अस्पताल में आए दिन इस तरह की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। उधर अस्पताल में पानी की किल्लत होने के कारण दूर दराज के क्षेत्रों के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी पेश आई। लोगों को पानी खत्म होने के बाद बार-बार दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।