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पारा चढ़ते ही प्रदेश के शहरों और कस्बों में पानी का संकट

Mon, 02 Apr 2018 12:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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हिमाचल में गर्मियों शुरू होते ही शहरों और कस्बों में पेयजल संकट गहराने लगा है। हालत यह है कि कहीं तीसरे दिन तो कहीं हफ्ते बाद पानी सप्लाई किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। पानी की समस्या को लेकर लोग अभी से सड़कों पर उतरना शुरू हो गए हैं।

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राजधानी शिमला में अभी से जलसंकट के चलते आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। अप्रैल की शुरुआत में ही प्रदेश में चौबीस घंटे पेयजल आपूर्ति मुहैया करवाने के सरकारी दावों की हवा निकल रही है। इस बार कम बारिश और बर्फबारी आने वाले दिनों में सरकार के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनेगी। अमर उजाला ने रविवार को जिला मुख्यालयों और कस्बों में पेयजल आपूर्ति पर ग्राउंड रिपोर्ट ली। 

राजधानी में 15 एमएलडी पानी कम, तीसरे दिन ही आपूर्ति 
राजधानी शिमला में पेयजल संकट गहरा गया है। हर इलाके में तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। शहर को 45 एमएलडी (4.5 करोड़ लीटर प्रतिदिन) पानी की जरूरत रहती है, लेकिन इन दिनों 30 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। 
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हमीरपुर में कम पड़ रहा 65 लाख लीटर पानी 
जिला मुख्यालय हमीरपुर के सभी 11 वार्डों में पानी की आपूर्ति समयानुसार नहीं हो रही है। शहर की 40 हजार के पार जनसंख्या को प्रतिदिन 65 लाख लीटर पानी दिया जा रहा है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। 

पानी के पाइप उखड़े, घुमारवीं में भी संकट 
बिलासपुर शहर में कहीं शाम के समय तो कहीं सुबह के वक्त पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जिले के घुमारवीं कस्बे में सड़क के चौड़ा होने के कार्य के चलते पानी के पाइप उखड़ चुके हैं। इससे पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। नयनादेवी में भी एक समय ही पानी दिया जा रहा है।

एक हफ्ते से बंगाणा में एक बूंद नहीं दी 
ऊना के उपमंडल बंगाणा में आधा दर्जन से अधिक गांवों में लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। चंबोआ, राजपुरा, चड़ोली, कोकरा, बुहाणा, धनेत आदि गांवों में पिछले सप्ताह से लोगों के घरों में पानी की बूंद तक नहीं टपकी है। 

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15 दिन से पानी न मिलने पर धर्मपुर ग्राम सभा में हंगामा

सोलन। पेयजल किल्लत को लेकर धर्मपुर में ग्रामसभा की बैठक में ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया। 15 दिन बाद पानी मिलने से नाराज चल रही महिलाओं ने पंचायत प्रधान को घेर लिया और पेयजल किल्लत पर प्रस्ताव पारित करने का दबाव बनाया। इसके बाद बहुमत से पेयजल किल्लत की समस्या का प्रस्ताव ग्रामसभा में पारित किया गया। 

कुल्लू में आधा घंटा कम कर दी आपूर्ति 
जिला मुख्यालय में ढालपुर की करीब 24 हजार आबादी को सप्लाई हो रही पानी का मात्रा में पांच लाख लीटर तक की कमी आई है। आईपीएच महकमा शहर को सुबह-शाम दो-दो घंटे पानी की सप्लाई करता रहा है, लेकिन इसमें अब आधे-आधे घंटे की कटौती की गई है। 

नाहन में तीसरे दिन शिफ्टों में पानी 
लगभग 60 हजार की आबादी वाले नाहन शहर में पानी का संकट कोई नई बात नहीं है। सर्दी हो या गर्मी यहां अक्सर पानी का संकट रहता है। हर सीजन में यहां लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है। 

एमसी क्षेत्र धर्मशाला में भी जलसंकट
धर्मशाला। नगर निगम के वार्ड नंबर-11 में गर्मी शुरू होने से पहले ही पानी के लिए हाहाकार मचने लगा है। वार्ड में दो से तीन दिन छोड़ कर पानी आ रहा है। दो से तीन दिन बाद भी दो से तीन बाल्टी ही पानी की लोगों को मिल रही है।

चंबा के ग्रामीण इलाकों में घर से पानी ढो रहे बच्चे
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट अभी से गहराने लगा है। इस वजह से कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई किलोमीटर दूर पेयजल स्रोतों और नालों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है। स्कूलों में भी पेयजल किल्लत चल रही है। इस वजह से बच्चों को बोतलों से भरकर पानी लाना पड़ रहा है वहीं स्कूलों में दोपहर का खाना बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।

सरकाघाट, धर्मपुर और बालीचौकी में भी हाहाकार
मंडी शहर में रोजाना 60 लाख लीटर पानी की मांग है, जबकि सप्लाई 80 लाख लीटर की जा रही है। हालांकि सरकाघाट, धर्मपुर और बालीचौकी क्षेत्र में इन दिनों पानी के लिए हाहाकार मच गया है। 

 ये बोले आईपीएच महकमे के प्रमुख अभियंता 
आईपीएच महकमे के प्रमुख अभियंता अनिल बाहरी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेयजल आपूर्ति को सुचारु रूप से सुनिश्चित करें। जहां रोजाना पानी देना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक दिवस पर भी इसकी आपूर्ति की जाए। फील्ड कर्मचारियों को लोगोें की शिकायतों का तुरंत समाधान निकालने को कहा गया है। 
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