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सुक्खू के बारे में ये क्या बोल बैठे सीएम!

Fri, 23 May 2014 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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दिल्ली से हार की सफाई देरकर लौटे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कुछ ज्यादा आत्मविश्वास से भरे दिखे। उन्होंने अपने विरोधियों पर हमलावर होते हुए कहा कि हिमाचल कांग्रेस को चुने हुए अध्यक्ष की जरूरत है, मनोनीत की नहीं।
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उन्होंने चुटकी ली कि चुनाव परिणामों के बाद जो चुस्ती दिखाई जा रही है, अगर पहले दिखाई होती तो रिजल्ट कुछ और होता। उन्होंने दावा किया है कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है और वह अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

शुक्रवार सुबह दिल्ली से लौटने के बाद सचिवालय में प्रेस वार्ता के दौरान वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उनकी पिछले कल लंबी बातचीत हुई है। इसमें चुनाव परिणामों के साथ अनेक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई है। सोनिया ने उन्हें सरकार चलाने का आदेश दिया है। कांग्रेस विधायकों के अलावा निर्दलीयों का समर्थन भी उनके साथ है।
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कहा, बूथ रिपोर्ट का अब कोई औचित्य नहीं

वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के भीतर विद्रोह के स्वर उठाने वाले कुछ लोग कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने दो कांग्रेस नेत्रियों को ‘सुपर डिसीडेंस सिस्टर्स’ (सुपर असहमत बहनें) की संज्ञा दी, लेकिन उनके नाम नहीं बताया। प्रदेश कांग्रेस के मनोनीत अध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू द्वारा ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों से मांगी गई बड़े नेताओं के बूथ की रिपोर्ट पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि इसका अब कोई औचित्य नहीं है।

ये सारी जानकारी चुनाव आयोग वेबसाइट पर है। फिर सुक्‍खू का नाम लिए बिना उन्होंने कहा हिमाचल में कांग्रेस को चुने हुए अध्यक्ष की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चुनाव में पारदर्शिता होनी चाहिए। वह खुद कई बार पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष रह चुके हैं।

एक सवाल के जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार अभी कुछ बोर्ड-निगमों में चेयरमैन-वाइस चेयरमैन के रूप में कुछ और नियुक्तियां करेगी। और सीपीएस नहीं बनेंगे, लेकिन कैबिनेट में फेरबदल की संभावना उन्होंने इनकार नहीं किया।

धूमल ने कठपुतली बनाए विधायक

वीरभद्र ने कहा कि शांता कुमार एक शालीन व्यक्ति हैं। इसी आधार पर मैंने उन्हें केंद्रीय मंत्री के लिए उपयुक्त बताया था। जहां तक धूमल का प्रश्न है तो उन्होंने हमेशा विद्वेष की राजनीति करते हुए मेरे खिलाफ हमेशा झूठे केस बनाए। जांच से बचने के लिए धूमल ने विधानसभा में भाजपा विधायकों को कठपुतली बनाकर अभद्र प्रदर्शन करवाया।

शिमला ग्रामीण प्रकोष्ठ बंद नहीं करेंगे
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सचिवालय में शिमला ग्रामीण प्रकोष्ठ बंद नहीं किया जा रहा है। शिमला ग्रामीण सीट पर वह अपनी चुनावी व्यस्तता के कारण उपयुक्त समय नहीं दे सके। इस कारण यहां से भाजपा को लीड चली गई। मंडी लोकसभा क्षेत्र में भी अगर वह 8-10 दिन प्रचार के लिए और निकाल पाते तो यह सीट कांग्रेस जीत सकती थी।

धर्माणी के इस्तीफे पर अभी फैसला नहीं
वीरभद्र सिंह ने कहा कि सीपीएस राजेश धर्माणी के इस्तीफे पर अभी फैसला नहीं हो पाया है। उन्होंने इसमें लिखा है कि इस पद पर रहते हुए फंक्शनल काम नहीं है। इस बारे में हाईकोर्ट का फैसला है, मैं भी कुछ नहीं कर सकता। पार्टी की परंपरा के अनुसार इस्तीफा हाईकमान को भेजा गया है। जो निर्देश होंगे, उसी अनुसार फैसला होगा।
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सीएम से मंत्रणा कर भेजेंगे रिपोर्ट : सुक्खू

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि मुख्यमंत्री से मंत्रणा कर ही वह हार की रिपोर्ट पार्टी आलाकमान को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि हार की समीक्षा रिपोर्ट पर पहले वह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से चर्चा करेंगे, उसी के बाद इसे दिल्ली भेजा जाएगा।

सुक्खू ने कहा कि मंत्रियों, विधायकों और तमाम कांग्रेस नेताओं के बूथों का ब्योरा रविवार तक मिल जाएगा। शुक्रवार को सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के हार के कारणों की बारीकी से समीक्षा हो रही है।

सुक्खू ने कहा कि मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, निगम-बोर्डों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों आदि के बूथों की स्थिति पर रिपोर्ट उन्हें जल्दी मिल जाएगी। उसी के बाद वह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलकर उन्हें भी यह रिपोर्ट दिखाएंगे। इसके अलावा हार के तमाम कारणों की समीक्षा रिपोर्ट बनाकर इसे हाईकमान को भेजा जाएगा।
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