फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sanjauli Mosque Case: वक्फ बोर्ड की मंजूरी के बाद संजौली मस्जिद की तीन अवैध मंजिलें गिराने का काम शुरू

Tue, 22 Oct 2024 09:22 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

नगर निगम आयुक्त कोर्ट के आदेशानुसार मस्जिद कमेटी ने सोमवार को खुद ही निर्माण गिराने की प्रक्रिया शुरू की।
विज्ञापन
संजौली मस्जिद की अवैध मंजिलें गिराने का काम शुरू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संजौली मस्जिद में अवैध रूप से बनाई गईं तीन मंजिलों को गिराने का काम शुरू हो गया है। नगर निगम आयुक्त कोर्ट के आदेशानुसार मस्जिद कमेटी ने सोमवार को खुद ही निर्माण गिराने की प्रक्रिया शुरू की। उधर, हिमाचल हाईकोर्ट ने मस्जिद विवाद को आठ माह में निपटाने के आदेश जारी किए हैं। आयुक्त कोर्ट ने दो माह में अवैध निर्माण गिराने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों के बाद कमेटी ने वक्फ बोर्ड से मंजूरी मांगी थी। सोमवार सुबह बोर्ड से मंजूरी पत्र मस्जिद कमेटी को मिला। इसके बाद कमेटी ने निगम, जिला प्रशासन और पुलिस को अवैध निर्माण गिराने का काम शुरू करने की सूचना दी।

विज्ञापन


अधिकारियों के पहुंचने के बाद अवैध निर्माण गिराने का काम शुरू हो गया। हालांकि, माैके पर तीन से चार मजदूर ही काम में लगे हैं।  मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि आयुक्त कोर्ट के आदेशों के अनुसार ही अवैध निर्माण गिराया जा रहा है। निर्माण गिराने के लिए अभी फंड नहीं है, इसीलिए ज्यादा मजदूर नहीं लगा पाए। निगम, सरकार और वक्फ बोर्ड से भी उन्हें मदद नहीं मिली है। निर्माण हटाने में तीन से चार महीने लग सकते हैं। ऐसे में निगम से इस काम के लिए और वक्त देने की भी मांग की जाएगी।


विज्ञापन

सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ काम  
सुबह करीब 11:00 बजे कमेटी ने अवैध निर्माण हटाने के लिए मजदूर मौके पर बुलाए। 11:30 बजे तीन मजदूरों ने पांच मंजिला मस्जिद की छत पर चढ़कर इसकी चादरें हटाने का काम शुरू किया। दोपहर बाद तक छत के एक बड़े हिस्से से टिन की चादरें हटाई गईं। चादरें मस्जिद के अंदर रखी गई हैं। मंगलवार को भी हटाने का काम जारी रहेगा।




 

आयुक्त कोर्ट ने दिया था यह फैसला
नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने पांच अक्तूबर की सुनवाई में पांच मंजिला संजौली मस्जिद की तीन अवैध मंजिलों को गिराने के आदेश दिए थे। मस्जिद कमेटी ने मंजिलें बनाई थीं। कमेटी को ही अपने खर्च पर इन्हें गिराने के आदेश दिए गए हैं। कमेटी ने सुनवाई से पहले 12 सितंबर को ही खुद अवैध निर्माण गिराने के लिए नगर निगम में आवेदन किया था। कमेटी का कहना है कि आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए यह पहल की है। निचली दो मंजिलों पर 21 दिसंबर को सुनवाई होगी। इसी तारीख तक मस्जिद कमेटी को भी रिपोर्ट देनी होगी कि पिछली सुनवाई में दिए आदेशों पर कितनी कार्रवाई की गई है।

मामले में कब क्या हुआ
29 अगस्त की रात मल्याणा में दो गुटों के बीच हुई मारपीट
2 सितंबर को कांग्रेस पार्षदों समेत स्थानीय लोगों ने संजौली मस्जिद के बाहर किया प्रदर्शन, अवैध निर्माण गिराने की मांग
5 सितंबर को संजौली और कसुम्पटी में फिर मस्जिद के अवैध निर्माण पर हुआ प्रदर्शन
7 सितंबर को आयुक्त कोर्ट में सुनवाई, जेई से स्टेटस रिपोर्ट मांगी, 5 अक्तूबर के लिए टली सुनवाई
11 सितंबर को संजौली में हिंदूवादी संगठनों का उग्र प्रदर्शन, लाठीचार्ज
12 सितंबर को मस्जिद कमेटी ने खुद अवैध निर्माण गिराने के लिए किया आवेदन
13 को वक्फ बोर्ड ने कमेटी के आवेदन पर दी सहमति
23 सितंबर को शिमला आए एआईएमआईएम नेता शोएब जमई, मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का वीडियो वायरल
23 सितंबर को ही मस्जिद कमेटी ने शोएब के बयानों से किया किनारा
9 अक्तूबर को ऑल हिमाचल मुस्लिम आर्गेनाइजेशन बैठकर कर आयुक्त के  आदेशों को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का निर्णय लिया।
15 अक्तूबर को  संजौली मस्जिद कमेटी ने वक्फ बोर्ड से मांगी तीन मंजिलें गिराने की अनुमति
विज्ञापन

मंडी मस्जिद मामला ः मुस्लिम पक्ष को मिली अगली तारीख
 शहर के जेल रोड स्थित मस्जिद में कथित अवैध निर्माण मामले में सोमवार को प्रधान सचिव शहरी निकाय व नगर नियोजन के न्यायालय में सुनवाई हुई। मामले की फिर से अगली तारीख दे दी गई है। एहले इस्लाम मुस्लिम वेलफेयर कमेटी मंडी के प्रधान नहिम अहमद ने इसकी पुष्टि करते कहा कि अगली सुनवाई कब होगी, यह समन आने के बाद ही पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि वह ऑपरेशन के चलते पिछले आठ दिनों से घर पर हैं। सोमवार को मामले की सुनवाई में उनके वकील मौजूद रहे। उधर, देवभूमि संघर्ष समिति मंडी के पदाधिकारी घनश्याम ने कहा कि मामले को लेकर जानबूझकर टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे हिंदू समुदाय के लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। ऐसे में अगर फैसले में ज्यादा देरी होगी तो फिर से हिंदू समुदाय के लोग आंदोलन को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें