दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। साल 1995 के बाद से कोई भर्ती नहीं हुई है। विभिन्न विभागों में लंबित बैकलॉग कोटे के तहत भर्तियां होनी चाहिए। भर्तियां नहीं होने से दृष्टिबाधितों में सरकार के खिलाफ रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
535 दिन से हड़ताल पर, 11वां चक्काजाम, आश्वासन के सिवा कुछ नहीं
राजेश ठाकुर ने कहा कि वह पिछले 535 दिनों से हड़ताल पर हैं। यह उनका 11वां चक्का जाम है। सचिवालय के बाहर भी 12 दिनों से धरना चल रहा है। मगर सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और बार बार आश्वासन दिए जा रहे हैं।