पशुपालन मंत्री वीरेद्र कंवर ने कहा कि पशुधन में लंपी त्वचा रोग की रोकथाम के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। अभी तक लगभग 50,000 पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। विभाग के पास वर्तमान में टीके की 1,19,591 खुराकें उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर खुले बाजार से भी दवा अथवा टीका खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को निरन्तर निगरानी करने और दैनिक आधार पर इसकी रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस रोग की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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रोग को नियंत्रित करने के लिए कंटेनमेंट जोन स्थापित किए गए हैं। रोग से ग्रसित पशुधन को अलग कर इस रोग को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। पशुपालन विभाग के माध्यम से प्रचुर मात्रा में दवाएं इत्यादि उपलब्ध करवाई गई हैं। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी तक लंपी चर्म रोग से ग्रसित 5,630 पशु स्वस्थ हो चुके हैं। पड़ोसी राज्य से इस रोग का पहला मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने तत्काल इससे बचाव के संबंध में आवश्यक परामर्श और दिशा निर्देश जारी कर दिए थे।
चिड़ियाघरों में लंपी त्वचा वायरस से बचाव के निर्देश
राज्य के वन्य जीव विभाग ने हिमाचल के सभी चिड़ियाघरों में लंपी स्किन वायरस से बचाव के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। कुफरी, गोपालपुर, रिवालसर और रेणुकाजी में चिड़ियाघर खुले हैं। फिलहाल चिड़ियाघरों में लंपी स्किन वायरस की चपेट में कई पशु नहीं आया है। वन्य जीव विभाग के प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ने लंपी स्किन वायरस से बचाव के लिए प्रदेश के सभी चिड़ियाघरों के आसपास गायों और भैसों पर नजर रखने के लिए कहा है। चिड़ियाघरों में समय समय पर साफ सफाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वन्य जीव विभाग के प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर राजीव कुमार ने कहा कि राज्य के सभी चिड़ियाघरों के लिए इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।