मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पश्चिमी कमान चंडीगढ़ में सिविल मिलिट्री लॉयजन कांफ्रेंस में कहा कि अनाडेल मैदान शिमला सेना के अधीन ही रखा जाएगा। कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ‘खेल और चालों’ के लिए अनदेखा नहीं कर सकते।
क्रिकेट स्टेडियम का प्रस्ताव इस मैदान की हरियाली नष्ट करेगा। ये मैदान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद रणनीतिक दृष्टि से सेना को दिया गया था। यहां आपात स्थिति में हेलीकाप्टर उतारे जा सकते हैं। ये मैदान सेना अभ्यासों के उद्देश्यों के लिए सेना के पास ही रहेगा।
सीएम ने कहा कि पूर्व में इस मैदान को हथियाने के कई असफल प्रयास होंगे। इस मैदान के आसपास किसी भी तरह की ऊंची इमारतें नहीं बनेंगी। सीएम वीरभद्र सिंह बुधवार को चंडी मंदिर चंडीगढ़ में बैठक में बोल रहे थे।
कहा कि हिमाचल सरकार ऊना और बिलासपुर जिलों के साथ भूमि पर मिलिट्री स्टेशनों के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेगी। बिलासपुर जिले में कुछ एकड़ भूमि के अलावा ऊना जिले में 1053.46 एकड़ भूमि को चिन्हित किया है।
बिलासपुर के डीसी ने वन भूमि के हस्तांतरण को वन मंजूरी (एफसीए) में जरूरी प्रमाणपत्र भी सौंपे। ऊना में केंटनी स्टोर डिमार्टमेंट (सीएसडी) डिपो पर भी चर्चा हुई। वीरभद्र सिंह ने गोला बारूद स्थल के लिए जनजातीय जिला किन्नौर में भारत-तिब्बत राष्ट्रीय उच्च मार्ग के साथ भूमि प्रदान करने को मंजूरी दी।