उधर, विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस की आपसी कलह भी खुलकर सामने आने लगी है। नाहन के बाद सोलन में भी शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पहली पुण्यतिथि पर कांग्रेसी एक-दूसरे पर खूब बरसे। कांग्रेसी लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में इकट्ठा हुए थे। पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि देने के बाद कुछ कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए कि सभी कार्यक्रम कांग्रेस भवन में होने चाहिए। कुछ नाराज कांग्रेसियों ने सोलन के विधायक डॉ. धनीराम शांडिल से कहा कि यदि उन्हें सीट जीतनी है तो हमें साथ लेकर चलना होगा।
कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अनदेखी का आरोप लगाया। कुछ पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में तो छोड़ो ब्लॉक कांग्रेस में भी कोई पद नहीं दिया गया है। करीब 10 मिनट तक नोंकझोंक चली। इसके बाद कुछ पुराने नेताओं ने बीचबचाव कर मामला शांत करवाया। उधर, सोलन के विधायक डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि परिवार बड़ा होता है तो उसमें मतभेद हो सकते हैं। कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है। कार्यकारिणी का विस्तार को लेकर कार्यकर्ताओं ने आवाज उठाई है। कई कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी में जल्द लिया जाएगा।