सीबीआई की जांच में सामने आया है कि ऊना जिले में लगभग 220 करोड़ रुपये की 32 मेगावाट पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान कई अनियमितताएं हुईं। एजेंसी के अनुसार परियोजना में देरी और अधूरे कार्यों के बावजूद ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए नकारात्मक टिप्पणियों को दबाया गया तथा अधीनस्थ अधिकारियों पर भुगतान स्वीकृत करने का दबाव डाला गया। चार्जशीट में एचपीपीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा (आईएएस) और निदेशक (विद्युत) देश राज पर कथित आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों अधिकारियों ने परियोजना से संबंधित फाइलों में आपत्तियों को दबाने और अधूरे कार्यों के लिए भुगतान मंजूर करवाने में भूमिका निभाई।
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि लगातार उत्पीड़न और अवैध पेशेवर दबाव के कारण विमल नेगी के लिए कार्यस्थल का माहौल प्रतिकूल बन गया था, जिसने उन्हें आत्महत्या जैसे कदम के लिए प्रेरित किया। नेगी 10 मार्च 2025 को शिमला से लापता हो गए थे और 18 मार्च को उनका शव गोबिंदसागर झील से बरामद हुआ था। मेडिकल बोर्ड ने उनकी मृत्यु का कारण पानी में डूबने से हुई श्वासावरोध (एस्फिक्सिया) बताया था। मामले में एएसआई पंकज शर्मा पर भी जांच को प्रभावित करने और डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने का आरोप लगाया गया है। सीबीआई ने अदालत से मांग की है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों को तलब कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाए।