हिमाचल के नए मुख्य सचिव वीसी फारका ने अपनी नियुक्ति के बाद बुधवार को पदभार ग्रहण किया। सचिवालय में उन्हें बधाई देने वालों का खूब तांता लगा रहा। कर्मचारियों, अधिकारियों और नेताओं समेत कई लोग गुलदस्ते, मिठाइयां, शॉलें, टोपियां लेकर उनके दफ्तर पहुंचते रहे।
वीसी फारका मुख्यमंत्री के खास करीबियों में गिने जाते हैं। वे किन्नौर जिले से हैं। इससे पहले वे मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे हैं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद फारका ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत की। पेश हैं कुछ अंश :
सवाल: मुख्य सचिव बनने के बाद आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या है?
जवाब: यह मेरे लिए बहुत अच्छा दिन है। मैं इस नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे ये जिम्मेदारी दी। मैं इस दायित्व पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।
इन सवालों का नए सीएस ने दिया ये जवाब
प्रदेश के तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकर ही वर्क आउट करूंगा कि क्या किया जाना है।
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले आप किस पर फोकस करेंगे?
गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेशन के हर पहलू पर काम करना जरूरी है। टॉप प्रॉयोरिटी जरूरी नहीं। मेरे हिसाब से हर क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। अगर आधारभूत ढांचा विकास पर काम किया जा रहा है तो नियमित प्रशासन पर भी काम करने की जरूरत है। उतना ही ध्यान कर्मचारियों और सेवा मामलों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। प्रदेश के तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकर ही वर्क आउट करूंगा कि क्या किया जाना है।
शासन में फाइलें महीनों अटकी रहती हैं। इस लालफीते शाही पर कैसे अंकुश लगाएंगे?
कोई भी काम तय प्रक्रिया से नियमानुसार ही होने चाहिए। मैं इसी पर यकीन करता हूं। फाइलें बेवजह नहीं रुकनी चाहिए इससे विकास की गति रुक जाती है।
जनजातीय इलाकों के लिए बनाएंगे खास प्लान
फारका बोले मैं बौद्ध धर्मानुयायी हूं। हर आदमी के लिए दयालु और भला रहना ही बौद्ध धर्म का संदेश है।
जनजातीय क्षेत्र से संबंधित होने के नाते क्या आप इन इलाकों में विकास कार्यों से संतुष्ट हैं। इन क्षेत्रों में क्या करेंगे?
जनजातीय क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी पूरी तरह से नहीं हो पाई है। मैंने इन सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कें बनाने के मामले भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के समक्ष भी उठाए हैं। इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत है। हिमाचल के लिए हवाई सेवाओं का मामला भी वे भारत सरकार से उठाते आए हैं। मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी जा चुका है।
अधिकारियों का एक वर्ग आपको मुख्य सचिव बनाने के पक्ष में नहीं रहा है। कहा जा रहा है कि आपको इन्हें सुपरसीड कर मुख्य सचिव बनाया गया।
इस बारे में अब कोई भी टिप्पणी करना ठीक नहीं।
क्या प्रदेश में अफसरशाही की कार्यशैली में किसी बदलाव की जरूरत महसूस करते हैं?
इस बारे में भी कुछ कहना नहीं चाहूंगा। विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की जाती रहेगी।
आम पब्लिक के लिए अपका क्या संदेश है?
मैं बौद्ध धर्मानुयायी हूं। हर आदमी के लिए दयालु और भला रहना ही बौद्ध धर्म का संदेश है। मैं भी इसी रास्ते पर चलने के लिए प्रयासरत रहूंगा।