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पुलिस बताएगी कैसे बिक रही थी यूज्ड सिरिंज?

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आईजीएमसी अस्पताल परिसर में इस्तेमाल सिरिंज की बिक्री के मामले में पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है। आईजीएमसी के अतिरिक्त निदेशक डा. एनके लट्ठ ने टेस्ट ट्यूब काउंटर के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस में लिखित दरख्वास्त दी है।
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आईजीएमसी अस्पताल प्रबंधन ने सोमवार सुबह बैठक के बाद यह फैसला लिया। मुकदमा दर्ज करने को ठोस साक्ष्य अभी तक पुलिस को उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं, लिहाजा इस मामले में मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुलाया गया है।

सोमवार को चंडीगढ़ से टीडीएससीओ की टीम ने भी जब्त हुए सिरिंज के सैंपल लिए हैं। उधर, डीएसपी सिटी बलबीर जसवाल ने कहा कि दरख्वास्त पहुंच गई है। ड्रग इंस्पेक्टर को कार्यालय बुलाया गया। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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ड्रग कंट्रोलर का जांच से इंकार

ड्रग कंट्रोलर ने इस्तेमाल हुई सिरिंज की जांच करने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें जांच के लिए खुली सिरिंज सौंपी गई है। हम केवल पैक्ड सिरिंज की ही जांच कर सकते हैं।

ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि जांच के लिए उनके पास कोई फोरेंसिक लैब नहीं है, जहां इसका कोई टेस्ट करवा सकें। लिहाजा यह सिरिंज किसी दूसरी जांच एजेंसी के सुपुर्द कर दी जाए। हालांकि यह फैसला अस्पताल प्रबंधन को ही लेना है।

टेस्ट ट्यूब काउंटर से करीब बारह हजार सिरिंज कब्जे में ली हैं। ड्रग कंट्रोलर का कहना है कि इसमें से करीब साढ़े चार हजार सिरिंज की जांच की जा चुकी है। यह सही निकली हैं।

चंडीगढ़ भी भेजा सैंपल

इसके अलावा सैंपल लेकर टेस्ट लैब में भी भेजा है। सोमवार को चंडीगढ़ से टीडीएससीओ की टीम ने भी पैकड सिरिंज के सैंपल लिए हैं। ड्रग कंट्रोलर का कहना है कि संबंधित व्यक्ति के पास लाइसेंस हैं उसकी जांच कर ली है। वह सही पाया गया है। सिरिंज की खरीद से संबंधित बिलों को भी कब्जे में लिया है।

जरूरत पड़ने पर सिरिंज की सप्लाई करने वाले से भी पूछताछ की जा सकती है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही अब अगली कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। उधर मामला उठने के बाद अब लोगों की नजरें जांच पर टिकी हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि अस्पताल प्रबंधन इस पर क्या कार्रवाई करता है।

क्या कहते हैं काउंटर संचालक प्रीतम चंदेल?

सवाल 1- आप पर इस्तेमाल की सिरिंज बेचने का आरोप है?
जवाब - यह बेबुनियाद आरोप हैं।
सवाल 2- आप सिरिंज की सप्लाई कहां से ले रहे हैं?
जवाब - एक निजी कंपनी सिरिंज सप्लाई करती है। सिरिंज पैक्ड रहती है।
सवाल 3 - काउंटर में खुली रखी 25 सिरिंज का क्या मामला है?
जवाब- कई बार टेस्ट लैब से मरीज के हाथों सिरिंज यह कहकर लौटा दी जाती है कि यह डिफेकटीड है। ऐसी सिरिंज को वह अपने पास रख लेते हैं।
सवाल - 4 आपने यह डिफेकटीड सिरिंज यहां क्यों रखी थी?
जवाब- ट्रांसपोटेशन के दौरान कई मर्तबा सिरिंज टूटफूट हो जाती है। यह सिरिंज कंपनी के प्रतिनिधि को दिखाने के लिए रखी थी। कि आपकी भेजी गई सप्लाई में इतनी सिरिंज बेकार हुई है।
सवाल- 5 इस पूरे मामले पर आपका क्या कहना है?
जवाब - मैं निर्दोष हूं , अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहा हूं। किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हूं। मैंने कुछ गलत नहीं किया।
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आईजीएमसी के अतिरिक्त निदेशक डॉ एनके लट्ठ से सवाल

सवाल 1 एफआईआर दर्ज करने पर फैसला देर से क्यों लिया?
जवाब- सोमवार सुबह इस मुद्दे पर बैठक हुई। सभी की सहमति के बाद टेस्ट ट्यूब काउंटर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया।
सवाल 2 क्या अस्पताल प्रबंधन भी जांच करेगा?
जवाब - देखिए , ड्रग कंट्रोल इस मामले को देख रहा है। पुलिस से आग्रह किया है कि वह भी इस एफआईआर करें। अस्पताल प्रबंधन ने जांच कमेटी का गठन किया है।
सवाल 3 भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब- कमेटी का गठन किया है। कमेटी इस तरह के मामले देखेगी।
सवाल 4 ड्रग इंस्पेक्टर इस्तेमाल सिरिंज की जांच से इंकार कर रहे हैं?
जवाब -तभी तो मामला पुलिस के सुपुर्द किया है।
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