उड़ी सैन्य मुख्यालय में सेना पर हुए आतंकी हमले में हिमाचल के चार जवान घायल हुए हैं। इनमें एक ही हालत गंभीर बताई जा रही है। सेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार डोगरा रेजीमेंट के इन जवानों में मंडी, सोलन, ऊना और कांगड़ा के फौजी शामिल हैं।
मंडी के जवान जसवंत के घायल होने की सूचना हमले वाले दिन ही मिल गई थी। लेकिन अब ताजा जानकारी के बाद हिमाचल के तीन और जवानों के घायल होने का पता लगा है। इनमें ऊना के भद्रकाली से हवलदार मंजीत कुमार, कांगड़ा के पालमपुर में देहण के नायक विनय कुमार शामिल हैं।
वहीं, सोलन में अर्की के मंझू गांव के निवासी कमलकांत शामिल हैं। सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक एसके वर्मा ने बताया कि ये चारों सैनिक घायल हैं और इनका उपचार चल रहा है।
आतंकी हमले में घायल जसवंत की सलामती की दुआ
सोमवार को भी मंडी जिले की लडभड़ोल तहसील के बोहल गांव निवासी हवलदार जसवंत सिंह के घर उनका कुशलक्षेम पूछने वालों का तांता लगा रहा।
उड़ी सैन्य मुख्यालय में सेना पर हुए आतंकी हमले में घायल हिमाचली जांबाज की सलामती के लिए लोग दुआ कर रहे हैं। सोमवार को भी मंडी जिले की लडभड़ोल तहसील के बोहल गांव निवासी हवलदार जसवंत सिंह के घर उनका कुशलक्षेम पूछने वालों का तांता लगा रहा।
उड़ी में सेना पर हुए हमले में लडभड़ोल के जसवंत सिंह भी घायल हुए हैं। वह 10 डोगरा में एमटी में तैनात हैं। हालांकि, सेना और स्थानीय प्रशासन की तरफ से जसवंत सिंह के परिजनों को उनके घायल होने की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
इससे जसवंत के परिवार और रिश्तेदारों में सरकार के प्रति रोष है। जसवंत के भाई महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें जसवंत सिंह के घायल होने की सूचना अपने सूत्रों से मिली है। उन्होंने बताया कि बड़ी बहन की देहांत की सूचना मिलने पर जसवंत मई माह में 15 दिन की छुट्टी पर घर आए थे।
जसवंत की पत्नी शाबनी देवी ने बताया कि कुछ दिन पहले जसवंत का फोन आया था। कहा था कि 12 अक्तूबर तक उनकी यूनिट पठानकोट आ जाएगी। उसके उपरांत उन्होंने घर आना था। जसवंत की माता शुती देवी और पिता जय सिंह गत शाम से टेलीविजन से नजरें नहीं हटा रहे हैं।
उनके रिश्तेदार तथा परिवार भगवान से जसवंत सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं। जसवंत सिंह 18 वर्ष पहले सेना के 10 डोगरा में एमटी में भर्ती हुए है। जसवंत की बेटियां अंशिता (12) और तनवी (10) स्कूल में पढ़ती हैं। पंचायत मतेहड़ के उपप्रधान राजेश कुमार तथा अन्य गांववासी भी जसवंत के घर पर मौजूद रहे। उन्होंने जसवंत स्वास्थ्य लाभ की शीघ्र कामना की है।