भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को बंद करने के मामले में शुक्रवार को सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने प्रश्नकाल के दौरान संस्थानों को बंद करने का मामला उठाया। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने विदाई बेला में संस्थान खोले। जयराम ने दोबारा सत्ता में आने के लिए बिना सोचे-समझे, बिना बजट और स्टाफ के संस्थान खोलने की अधिसूचनाएं जारी कर दीं।
जयराम ठाकुर ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राजनैतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। बिना कैबिनेट के एक साल में खोले गए संस्थानों को डिनोटिफाई कर दिया। मुकेश ने कहा कि अगर जयराम ये न करते तो आज ऐसी स्थिति न होती। इस पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में अग्निहोत्री ने कहा कि संस्थानों का युक्तिकरण किया जा रहा है। जरूरत के मुताबिक संस्थानों को खोला जा रहा है। पूर्व भाजपा सरकार में खोले गए संस्थानों के लिए न तो बजट का प्रावधान किया, न ही पदों को सृजन किया गया।
विधायक रणधीर शर्मा, राकेश जम्वाल और सतपाल सिंह सत्ती ने भी अनुपूरक सवाल किए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जनवरी 2024 तक 35 नए संस्थान खोलने की अधिसूचना जारी की गई है। सरकार युक्तिकरण कर रही है। सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक डिविजन खोलने पर विचार कर रही है। पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग में भी युक्तिकरण की प्रक्रिया चली हुई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार में खोले गए जिन संस्थानों को बंद किया गया है, उन्हें भी देखा जा रहा है। जरूरत के अनुसार सरकार इन्हें दोबारा से खोलने पर विचार करेगी। भाजपा विधायक रणधीर व अन्य के विधानसभा क्षेत्रों में बंद किए संस्थानों को कंसीडर किया जाएगा।