विश्व बैंक की 202 करोड़ की वित्तीय मदद से परवाणू, जाबली, जरोल (मंडी), नादौन और घुमारवीं के फल विधायन संयंत्रों को अपग्रेड किया जाना है। इन संयंत्रों को अपग्रेड करने से क्षेत्र के किसानों और बागवानों को घरों के पास फायदा मिलेगा।
इन संयंत्रों को वर्षों पुरानी मशीनें बदलने के साथ ही नई तकनीक भी अपनाई जा रही है। इससे संयंत्रों की उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी और साथ ही बागवानों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
सरकार इस प्रोजेक्ट में सीए स्टोर का निर्माण भी करेगी, ताकि बागवानों को तैयार फसलें बचने में कोई परेशानी न हो। अभी तक राज्य में गिनती के निजी क्षेत्र में सीए स्टोर कार्य कर रहे हैं। सरकारी सीए स्टोर बनने से बागवानों को ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
क्या कहते हैं बागवानी मंत्री
राज्य के बागवानी और आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि विश्व बैंक की वित्तीय मदद से राज्य के पांच विधायन संयंत्रों को अपग्रेड किया जा रहा है। इन संयंत्रों में नई मशीनें और तक नीक अपनाई जा रही है। इनक अलावा राज्य में नए सीए स्टोर भी तैयार किए जाने हैं।