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Umeed Ki Mashal: पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहीं नितिका

Mon, 13 Jun 2022 02:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

स्कूल में हर रोज वोकेशनल स्टडीज (रिटेल) के प्रशिक्षक अमित ठाकुर और प्रधानाचार्य नितिका शर्मा चार से पांच बजे तक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं।
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टुटीकंडी में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कक्षा लगाते विद्यार्थी। प्रधानाचार्य नितिका शर्मा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टुटीकंडी की प्रधानाचार्य नितिका शर्मा ने दूसरे शिक्षकों के सहयोग से स्कूल के विद्यार्थियों को सिलेबस पढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करने की पहल की है। स्कूल में हर रोज वोकेशनल स्टडीज (रिटेल) के प्रशिक्षक अमित ठाकुर और नीतिका चार से पांच बजे तक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं। पिछले दो माह से यह क्रम जारी है।

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वर्तमान में आठवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के 65 से अधिक विद्यार्थी कक्षाएं लगा रहे हैं। अपने रूटीन के कार्य को पूरा करने के साथ यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी नितिका ने सराहनीय पहल की है। नितिका शर्मा ने दो माह पूर्व स्कूल में दो बार क्रमश: 30 और 20 छात्र-छात्राओं के लिए एक चिड़ की पत्तियों से सजावट का सामान और घर के उपयोगी सामान को बनाने का प्रशिक्षण दिया। इससे कुछ छात्र अच्छे उत्पाद बनाने लगे हैं।

इससे छात्र-छात्राएं जेब खर्च चला रहे हैं। नितिका इससे पूर्व वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नीन में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात रहीं। कार्यकाल में उनके स्कूल के दो छात्रों ने 2017-18 और 2018-19 में कॉमर्स में बोर्ड की मेरिट में छठा और दसवां स्थान हासिल किया। उनके टुटीकंडी स्कूल में रहते हुए विद्यार्थियों की संख्या 60 से 165 पहुंच गई है। इधर, अमित ठाकुर ने बताया कि वह खुद कई बार आईएसएस और एचएएस परीक्षा में हिस्सा ले चुके हैं।
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अपने अनुभव को छात्र-छात्राओं में बांट रहे हैं। स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा खुशबू ने बताया कि सजावट का सामान बनाने का प्रशिक्षण लेने के बाद मेरे उत्पादों की बिक्री भी होने लगी है। जिसे स्कूल ही बेचकर उन्हें पैसे भी देता है। उन्हें अब तक तीन हजार रुपये मिल चुके है। वहीं चाइल्ड केयर सेंटर टुटीकंडी की बारहवीं की छात्रा नीटु ने कहा कि उसके बनाए उत्पादों के उसे पैसे भी मिलने लगे हैं। 

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