13 फरवरी तक नियमितीकरण पर लिखित आदेश जारी नहीं किए तो एसएमसी शिक्षक क्रमिक अनशन करेंगे। 14 फरवरी को शिक्षक मुख्यमंत्री आवास ओकओवर या सचिवालय के बाहर छोटे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों सहित सड़कों पर उतरेंगे। यह अल्टीमेटम गुरुवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप में प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में दिया।
पीरियड आधारित एसएमसी अध्यापकों ने सरकार को 13 फरवरी तक अल्टीमेटम दिया है। कहा कि उनके नियमितीकरण पर इस तिथि तक लिखित आदेश जारी नहीं किए तो वे क्रमिक अनशन करेंगे। 14 फरवरी को शिक्षक मुख्यमंत्री आवास ओकओवर या सचिवालय के बाहर छोटे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों सहित सड़कों पर उतरेंगे। यह अल्टीमेटम गुरुवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज रौंगटा, कार्यकारी अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा और चेयरमैन राजेश भरत ने संयुक्त रूप में प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में दिया। इन नेताओं ने स्वर्णिम दृष्टिपत्र के पेज नंबर ग्यारह के पैरा सात को पढ़ते हुए कहा कि पीटीए, पैट आदि की तरह एसएमसी की समस्या के समाधान की भी इसमें घोषणा है। नियुक्ति के दस साल बाद भी 2555 एसएमसी अध्यापकों के साथ न्याय नहीं हुआ है।
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मनोज रौंगटा ने कहा कि 17 जुलाई 2012 को भाजपा सरकार के वक्त में बनी नीति से इनकी नियुक्ति हुई। क्लॉज नंबर तीन के अनुसार पद विज्ञापित हुए। क्लॉज - सात के अनुसार आरटीई एक्ट के तहत भर्ती हुई, जिसमें बीएड और टेट जरूरी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप से मांग की है कि जैसे पीटीए शिक्षकों सात साल बाद अनुबंध पर लाया, पैरा शिक्षकों को 2013 और पैट को भी नियमित किया। उर्दू और पंजाबी के अध्यापकों को भी एसएमसी की तर्ज पर भर्ती कर 2018 में नियमित किया। पॉलीटेक्नीक संस्थानों में कल्याण फंड से नियुक्त अस्थायी अध्यापकों को 2012 में नियुक्त कर 2019 में नियमित किया। ईजीएस अध्यापक भी एसएमसी अध्यापकों की तरह नियुक्त किए थे, वे भी 2021 में नियमित हुए। उसी तरह से उन्हें भी नियमित करें।